EPISODE · Feb 7, 2024 · 1 MIN
Shamil Hota Hun | Malay
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
शामिल होता हूँ | मलय मैं चाँद की तरहरात के माथे परचिपका नहीं हूँ,ज़मीन में दबा हुआगीला हूँ गरम हूँफटता हूँ अपने अंदरअंकुर की उठती ललक कोमहसूसतादेखने और रचने के सुख मेंथरथराते पानी मेंउगते सूर्य की तरहसड़क पर निकला हूँपूरे आकाश पर नज़र रखे,भाषा की सुबहमेरे रोम-रोम मेंहरी दूब की तरहहज़ार-हज़ार आँखों से खुली हैज़मीन में दबा हुआगीला हूँ गरम हूँमैं शामिल होता हूँ तुम सब मेंडूबकर चलता हूँरचता हूँ उगता हूँभाषा की सुबह में।
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Shamil Hota Hun | Malay
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