EPISODE · Oct 21, 2024 · 1 MIN
Shri Bhagavad Gita Chapter 18 | श्री भगवद गीता अध्याय 18 | श्लोक 2
from Shri Bhagavad Gita Chapter 18 | श्री भगवद गीता अध्याय 18 · host Yatrigan kripya dhyan de!
In this video, we dive into श्री भगवद गीता, अध्याय 18, श्लोक 2, where भगवान श्रीकृष्ण संन्यास (renunciation) और त्याग के वास्तविक अर्थ की व्याख्या करते हैं। कृष्ण समझाते हैं कि सच्चा संन्यास केवल कर्मों का त्याग नहीं है, बल्कि यह अपने कर्तव्यों को बिना किसी फल की इच्छा के करने का नाम है। यह श्लोक जीवन में कर्म, त्याग और समर्पण की महत्वता को उजागर करता है। सुनिए श्लोक का संस्कृत पाठ, हिंदी अनुवाद, और व्याख्या इस वीडियो में।
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Shri Bhagavad Gita Chapter 18 | श्री भगवद गीता अध्याय 18 | श्लोक 2
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