EPISODE · Aug 27, 2021 · 1H 31M
सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 13
from Vedanta Ashram Podcasts · host Vedanta Ashram
सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के १३वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने सुंदरकांड की कथा में आगे बताया कि जब हनुमानजी विभीषणजी से मिले तो वह एक अत्यंत दिव्य प्रसंग था। भगवान् के दो अत्यंत सुन्दर और भक्तों का मिलान। भक्ति बहुत ही विशिष्ट गुण होता है। समयतः है व्यक्ति के ह्रदय में जिव की ही प्रधानता होती है। अपने लिए जीना और जिव क्यूंकि छोटा और अलप होता है इसलिए सतत अपने लिए इच्छा और प्रार्थना। अनेकानेक सिद्धियों के उपरांत भी दिल में वो छोटापन नहीं जाता है। लेकिन भक्ति में जीवन के केंद्र बिंदु भगवान् बन जाते हैं। ऐसा भक्त सतत भगवत स्मरण और चिंतन स्वाभाविक रूप से करता रहता है। ये दोनों भक्त अपनी अपनी भावना प्रकट करते हैं - की कैसे उनके ऊपर ईश्वर कृपा बरस रही है। ये पूरा प्रसंग अत्यंत सुन्दर और मनोहर है। सुंदरकांड की सुंदरता का एक नमूना।
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सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 13
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