EPISODE · Aug 31, 2021 · 1H 26M
सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 17
from Vedanta Ashram Podcasts · host Vedanta Ashram
सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के १७वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने सुंदरकांड की कथा में आगे बताया कि जब रावण समस्त राक्षसियों को एक महीने का समय देकर की इस बीच में सीताजी को मना लो, तब तिजाता ने सब राक्षसियों को बुलाकर अपना सपना बताया - जिससे वे सब डर गयीं और सीताजी को ज्यादा नहीं लेकिन थोड़ा बहुत प्रताड़ित करने लगीं। तब सीताजी बहुत व्याकुल एवं विह्वल हो गयीं और उन्होंने त्रिजटा को बुलाकर निवेदन किया की - हे माता, अब हमसे और नहीं सहा जाता है अतः हमारे लिए एक कृपा करके थोड़ी लकड़ियों की चिता और अग्नि की व्यवस्था कर दो जिससे हम अपना देह त्याग दे। यह प्रसंग अत्यंत द्रवित कर देने वाला है। फिर आगे क्या हुआ आप खुद सुने। रावण समस्त राक्षसियों को एक महीने का समय देकर की इस बीच में सीताजी को मना लो, तब तिजाता ने सब राक्षसियों को बुलाकर अपना सपना बताया - जिससे वे सब डर गयीं और सीताजी को ज्यादा नहीं लेकिन थोड़ा बहुत प्रताड़ित करने लगीं। तब सीताजी बहुत व्याकुल एवं विह्वल हो गयीं और उन्होंने त्रिजटा को बुलाकर निवेदन किया की - हे माता, अब हमसे और नहीं सहा जाता है अतः हमारे लिए एक कृपा करके थोड़ी लकड़ियों की चिता और अग्नि की व्यवस्था कर दो जिससे हम अपना देह त्याग दे। यह प्रसंग अत्यंत द्रवित कर देने वाला है। फिर आगे क्या हुआ आप खुद सुने।
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