EPISODE · Sep 26, 2021 · 1H 27M
सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 43
from Vedanta Ashram Podcasts · host Vedanta Ashram
सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 43वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने सुंदरकांड की कथा में आगे बताया कि जब विभीषण मन ही मन प्रभु राम के चरणों का स्मरण करते-करते समुद्र के उस पार पहुँच गए। उन्हें आता देख वानर प्रहरियों ने दूर से ही किसी को आते देख लिया और इस पार उतरते ही उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने सुग्रीव को समाचार दिया की ऐसा कोई दूत आया है। सुग्रीव ने अधिक जानकारी निकली और पता चला की वो तो रावण का भाई है। यह अत्यंत अप्रत्याशित था। वे सीधे रामजी के पास गए और सूचना दी। रामजी ने शान्त और संतुलित भाव से सुग्रीव की ही राय मांगी। सुग्रीव ने तो कहा की 'महाराज, इन रक्षाओं का कोई भरोसा नहीं है। ये बहुत नाटक करते हैं, हमारा विचार तो इन्हे बंदी बना लेने का है। तब रामजी बोले की 'तुम्हारी राय भी व्यावहारिक है, लेकिन हमारा एक प्रण है की हम शरणागत की सदैव रक्षा करते हैं।
Embed this episode
NOW PLAYING
सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 43
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
No similar episodes found.
Similar Podcasts
No similar podcasts found.