EPISODE · Oct 3, 2021 · 1H 23M
सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 50
from Vedanta Ashram Podcasts · host Vedanta Ashram
सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 50वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि जब रामजी ने विभीषणजी का राज-तिलक कर दिया तो गोस्वामीजी कहते हैं की ऐसे प्रभु को छोड़ कर और किस का भजन करा जाये, जो मात्र भक्ति और शरणागति के कारण अत्यंत विनम्रता से भक्तों को बिना मांगे सब कुछ दे देते हैं। ऐसे सर्व-समर्थ, सर्वज्ञ, सबके अंतर्यामी प्रभु अब सुग्रीव और विभीषणजी से पूंछते हैं - की आप अपनी राय दीजिये की हम लोग समुद्र के पार कैसे जाएँ। तो लंकापति विभीषणजी कहते हैं की 'प्रभु, यद्यपि आपके एक बाण से आप करोड़ों समुद्रों को सुखा सकते हैं, तथापि निति यह कहती हैं की सबको पहले शांति और प्रेम से काम करना चाहिए। समुद्र आपके कुलगुरु हैं, इसलिए आप उन्ही से प्रार्थना पूर्वक पूछिए - वे आप को अवश्य बताएंगें जिससे आपकी पूरी सेना आराम से उस पार जा सकेगी।
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सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 50
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