EPISODE · Nov 16, 2025 · 1 MIN
Surya Aur Sapne | Champa Vaid
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
सूर्य और सपने।चंपा वैदसूर्य अस्त हो रहा हैपहली बारइस मंज़िल परखड़ी वह देखती हैबादलों कोजो टकटकी लगादेखते हैंसूर्य के गोले कोयह गोला आगलगा जाता है उसके अंदरकह जाता हैकल फिर आऊँगापूछूँगा क्या सपने देखे?
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सूर्य और सपने।चंपा वैदसूर्य अस्त हो रहा हैपहली बारइस मंज़िल परखड़ी वह देखती हैबादलों कोजो टकटकी लगादेखते हैंसूर्य के गोले कोयह गोला आगलगा जाता है उसके अंदरकह जाता हैकल फिर आऊँगापूछूँगा क्या सपने देखे?
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Surya Aur Sapne | Champa Vaid
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