EPISODE · Sep 25, 2024 · 2 MIN
Tinka Tinka Kaante Tode Sari Raat Kataai Ki | Gulzar
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
तिनका तिनका काँटे तोड़े सारी रात कटाई की | गुलज़ारतिनका तिनका काँटे तोड़े सारी रात कटाई कीक्यूँ इतनी लम्बी होती है चाँदनी रात जुदाई कीनींद में कोई अपने-आप से बातें करता रहता हैकाल-कुएँ में गूँजती है आवाज़ किसी सौदाई कीसीने में दिल की आहट जैसे कोई जासूस चलेहर साए का पीछा करना आदत है हरजाई कीआँखों और कानों में कुछ सन्नाटे से भर जाते हैंक्या तुम ने उड़ती देखी है रेत कभी तन्हाई कीतारों की रौशन फ़सलें और चाँद की एक दरांती थीसाहू ने गिरवी रख ली थी मेरी रात कटाई की
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