EPISODE · Jul 31, 2025 · 3 MIN
Todna Aur Banana | Priyadarshan
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
तोड़ना और बनाना | प्रियदर्शनबनाने में कुछ जाता हैनष्ट करने में नहींबनाने में मेहनत लगती है. बुद्धि लगती है, वक्त लगता हैतोड़ने में बस थोड़ी सी ताकतऔर थोड़े से मंसूबे लगते हैं।इसके बावजूद बनाने वाले तोड़ने वालों पर भारी पड़ते हैंवे बनाते हुए जितना हांफते नहीं,उससे कहीं ज़्यादा तोड़ने वाले हांफते हैं।कभी किसी बनाने वाले के चेहरे पर थकान नहीं दिखतीपसीना दिखता है, लेकिन मुस्कुराता हुआ,खरोंच दिखती है, लेकिन बदन को सुंदर बनाती है। लेकिन कभी किसी तोड़ने वाले का चेहराआपने ध्यान से देखा है?वह एक हांफता, पसीने से तर-बतर बदहवास चेहरा होता हैजिसमें सारी दुनिया से जितनी नफरत भरी होती है,उससे कहीं ज़्यादा अपने आप से।असल में तोड़ने वालों को पता नहीं चलताकि वे सबसे पहले अपने-आप को तोड़ते हैंजबकि बनाने वाले कुछ बनाने से पहले अपने-आप को बनाते हैं।दरअसल यही वजह है कि बनाने का मुश्किल काम चलता रहता हैतोड़ने का आसान काम दम तोड़ देता है।तोड़ने वालों ने बहुत सारी मूर्तियां तोड़ीं, जलाने वालों ने बहुत सारी किताबें जलाईंलेकिन बुद्ध फिर भी बचे रहे, ईसा का सलीब बचा रहा, कालिदार और होमर बचे रहे।अगर तोड़ दी गई चीज़ों की सूची बनाएं तो बहुत लंबी निकलती हैदिल से आह निकलती है कि कितनी सारी चीज़ें खत्म होती चली गईं-कितने सारे पुस्तकालय जल गए, कितनी सारी इमारतें ध्वस्त हो गईं,कितनी सारी सभ्यताएं नष्ट कर दी गईं, कितने सारे मूल्य विस्मृत हो गएलेकिन इस हताशा से बड़ी है यह सच्चाईकि फिर भी चीज़ें बची रहींबनाने वालों के हाथ लगातार रचते रहे कुछ न कुछनई इमारतें, नई सभ्यताएं, नए बुत, नए सलीब, नई कविताएंऔर दुनिया में टूटी हुई चीज़ों को फिर से बनाने का सिलसिला।ये दुनिया जैसी भी हो, इसमें जितने भी तोड़ने वाले हों,इसे बनाने वाले बार-बार बनाते रहेंगेऔर बार-बार बताते रहेंगेकि तोड़ना चाहे जितना भी आसान हो, फिर भी बनाने की कोशिश के आगे हार जाता है।
NOW PLAYING
Todna Aur Banana | Priyadarshan
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
May 13, 2026 ·13m
May 11, 2026 ·20m
May 6, 2026 ·18m
May 4, 2026 ·15m
May 1, 2026 ·16m