PodParley PodParley
Upkaran | Nandkishore Acharya

EPISODE · Jul 3, 2023 · 2 MIN

Upkaran | Nandkishore Acharya

from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio

उपकरण - नंदकिशोर आचार्य  पत्थर क्या नींद से भी ज्यादा पारदर्शी होता हैकि और भी साफ दिख जाता है उसमें तुम्हें अपना सपनातुम जिसे उकेरने लगते हो, शिल्पी जो ठहरेपर क्या होता है उन टुकड़ों काजिन्हें तुम अपने उकेरने में पत्थर से उतार देते होऔर उस मूरत का जो जैसी भी होतुम्हारी ही पहचान होती है, पत्थर की नहींउनमें क्या सशक्तता नहीं रहता होगापत्थर का भी कोई क्षत-विक्षत सपना अपनाहाँ पत्थर तो उपकरण ठहरा, उसका अपना क्या सपना क्याक्या वे जिनका अपना नहीं होता कुछ, उपकरण हो जाते हैंमूरत करने को किसी और का सपना! 

NOW PLAYING

Upkaran | Nandkishore Acharya

0:00 2:26

No transcript for this episode yet

We transcribe on demand. Request one and we'll notify you when it's ready — usually under 10 minutes.

URL copied to clipboard!