EPISODE · Jan 1, 2025 · 1 MIN
Vah Mujhi Main Hai Bhay | Nandkishore Acharya
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
वह मुझी में है भय | नंदकिशोर आचार्य एक अनन्त शून्य ही होयदि तुमतो मुझे भय क्यों है ?कुछ है ही नहीं जबजिस पर जा गिरूँचूर-चूर हो छितर जाऊँउड़ जायें मेरे परखच्चेतब क्यों डरूँ?नहीं, तुम नहींवह मुझी में है भयमुझ को जो मार देता है।और इसलिए वह रूप भीजो तुम्हें आकार देता है।
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वह मुझी में है भय | नंदकिशोर आचार्य एक अनन्त शून्य ही होयदि तुमतो मुझे भय क्यों है ?कुछ है ही नहीं जबजिस पर जा गिरूँचूर-चूर हो छितर जाऊँउड़ जायें मेरे परखच्चेतब क्यों डरूँ?नहीं, तुम नहींवह मुझी में है भयमुझ को जो मार देता है।और इसलिए वह रूप भीजो तुम्हें आकार देता है।
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