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मार्ग सत्य जीवन | Marg Satya Jeevan cover art

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मार्ग सत्य जीवन | Marg Satya Jeevan — 672 episodes · page 6 of 7

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Title
501

हमें अपने शत्रुओं से प्रेम क्यों करना चाहिए?/(Why We Should Love Our Enemies?)­­­­­­­

502

Psalm 27:1-14 परमेश्वर पर भरोसा करना/Trusting In God.

503

एक महान अदला-बदली/(The Great Exchange)

504

Psalm 26:1-12 परमेश्वर करुणामय, न्यायी, और अनुग्रहकारी है/God Is Compassionate, Just And Gracious

505

प्रभु यीशु ने हमें अपने लहू के द्वारा अपना बना लिया/The Lord Jesus Made Us His Own By His Blood.

506

परमेश्वर हमें दूसरों के द्वारा दृढ़ करता है/God Strengthens Us Through Others

507

Psalm 25:1-22 परमेश्वर भला और करुणामय है/ God is Good And Merciful

508

अर्थहीन प्रार्थनाएं मत करो!/Do Not Make Meaningless Prayers!

509

चाहे कुछ मिले न मिले, यीशु ही प्रभु है/ Whether or not you get anything, Jesus is Lord

510

1Timothy 6:11-21 पाप और इस संसार से भागना/Fleeing From Sin Aand This World.

511

1 Timothy 6:1-10 सच्चे सुसमाचार के द्वारा प्रेरित सच्ची भक्ति/True Godliness Driven By The True Gospel.

512

सेवकाई और मनुष्य का भय (Ministry and the Fear of Man)

513

Psalm 24:1-10 परमेश्वर प्रतापी राजा है/God Is The King Of Glory

514

1Timothy 5:17-25 कलीसिया को निर्देश प्राचीनों के सम्बन्ध में/Instructions To The Church Regarding...

515

1Timothy 5:3-16 कलीसिया में विधवाओं की सुधि/Concern For Widows In The Church

516

1Timothy 5:1-2 बाइबल पर आधारित सुधार एवं निवेश/Biblical Correction And Investment.

517

1Timothy 4:12-16 एक प्रचारक का जीवन और सिद्धान्त/The Life And Doctrine Of A Preacher.

518

1Timothy 4:6-11 सुसमाचार की विश्वसनीय सेवकाई/Faithful Ministry Of The Gospel.

519

क्यों हमें अपनी आशा को थामे रहना चाहिए(Why We Must Hold Fast Our Hope)

520

Psalm 23:1-6 परमेश्वर हमारा चरवाहा है/God Is Our Shepherd.

521

1Timothy 4:1-5 झूठी शिक्षा/False Teaching

522

1Timothy 3:14-16 परमेश्वर का परिवार/God's Family

523

1Timothy 3:8-13 धर्म सेवक/Deacons

524

1Timothy 3:1-7 कलीसिया में अगुवों की योग्यताएं/Qualifications For Leaders In The Church

525

1Timothy 2:8-15 कलीसियाई आराधना में उचित व्यवहार/Proper Behaviour In Church Worship

526

अर्थहीन प्रार्थनाएं मत करो!/Do Not Make Meaningless Prayers!

527

आप भाग्यशाली हैं जब आप यीशु के लिए सताये जाते हैं/You Are Privileged When You Are Persecuted For.

528

1Timothy 2:1-7 सुसमाचार वृद्धि हेतु प्रार्थना करो।/Pray For Gospel Growth

529

परमेश्वर आपकी चिन्ता करता है(God Cares for You)

530

Psalm 22:1-31 परमेश्वर अपने लोगों की प्रार्थना सुनता है/God Hears The Prayers Of His People

531

1Timothy 1:12-20 सच्चे सुसमाचार पर सच्चा विश्वास।/True Faith in the True Gospel.

532

1Timothy 1:6-11 झूठे शिक्षक और व्यवस्था का गलत उपयोग/False Teachers and Misuse of the Law

533

1Timothy 1:1-5 सच्चे सुसमाचार का निर्भयता से प्रचार करो/Preach The True Gospel Without Fear

534

नम्रता क्या है?(What Is Meekness?)

535

Psalm 21:1-13 परमेश्वर की आराधना/Worshipping God

536

सचेत रहो! और अपने पापों के पश्चाताप के लिए प्रार्थना करो/Stay Alert! And Pray For The Repentance Of Your Sins.

537

चाहे कुछ मिले न मिले, यीशु ही प्रभु है/ Whether or not you get anything, Jesus is Lord

538

क्या आप परमेश्वर की इच्छा के अनुसार प्रार्थना करते हैं?/Do You Pray According To God's Will?

539

धन के लोभ से भागो!/Flee From The Greed of Money!

540

आप यौन पाप में क्यों गिरते हैं?(Why You Give In to Sexual Sin?)

541

तुम हो नमक।/You Are Salt.

542

प्रार्थना में परमेश्वर को गंभीरता से लो।/Take God Seriously In Prayer.

543

परमेश्वर हमारी प्रार्थनाओं को सुनता है/God Listens To Our Prayers

544

यीशु ने कहा, “जीवन का जल मैं हूँ”/Jesus Said, “I Am The Living Water”

545

अपने शत्रु के लिए प्रार्थना करने का क्या अर्थ है(What It Means to Pray for Your Enemy)

546

Acts 1:1-11 यीशु के गवाह बनो/ Be Witnesses Of Jesus

547

थोड़े से आराम के लिए परमेश्वर को मत तिरस्कारो/Do Not Reject God For A Little Comfort

548

यीशु मसीह के द्वारा हम परमेश्वर के पास पहुँच सकते हैं/We Can Reach God Through Jesus Christ.

549

हम कुछ नहीं कर सकते हैं? (We Can Do Nothing?)

550

Matthew 28:16-20 जाओ और चेले बनाओ/Go And Make Disciples

551

Luke 23:46 - मृत्यु पर अधिकार का वचन/The Word Of Authority On Death

552

John 19:30 - विजय का वचन/The Word Of Victory

553

John 19:28-29 - दुख उठाने का वचन/The Word Of Suffering

554

Mark 15:33-35 - वेदना का वचन/The Word Of Anguish

555

John 19:25-27 - नये आत्मिक सम्बन्ध का वचन/The Word Of New Spiritual Relationship.

556

Luke 23:43 - उद्धार का वचन/The Word Of Salvation

557

Luke 23:33-34 - क्षमा का वचन/The Word Of Forgiveness

558

Psalm 19:1-14 परमेश्वर का प्रकाशन/God's Revelation.

559

Hebrews 13:15-25 यीशु की श्रेष्ठता का आदर करो/Honour the supremacy of Jesus

560

John 21:15-17 यीशु से प्रेम और उसके लोगों की सेवा करो/ Love Jesus And Serve His People.

561

Psalm 18:1-50 परमेश्वर छुटकारा देने वाला चट्टान है/God Is The Rock Of Our Salvation.

562

Luke 24:13-35 यीशु को जानने के लिए बाइबल को जानिए/Know The Bible To Know Jesus

563

जब हर कोई आपको त्याग देता है(When Everyone Deserts You)

564

उदारता हेतु पाँच पुरस्कार ( Five Rewards for Generosity )

565

जब आज्ञाकारिता असम्भव लगती है (When Obedience Feels Impossible)

566

Luke 24:1-12 जी उठे यीशु पर विश्वास करो/Believe In The Risen Jesus.

567

क्रूस से यीशु की सात वाणियां/The Seven Sayings Of Jesus On The Cross

568

क्या यीशु मसीह सच में क्रूस पर मारे गए थे?/ Was Jesus Christ Really Killed On The Cross?

569

लूका 19:28-40 यीशु मसीह प्रतिज्ञा किया हुआ राजा है, इसीलिए उसके लोग उसकी आराधना करेंगे।

570

भजन संहिता 17:1-15परमेश्वर छुटकारा और सुरक्षा देने वाला है/God Gives Deliverance And Protection.

571

मरकुस 10:35-45 यीशु के पीछे चलने का अर्थ है यीशु के समान दुख उठाना और एक दूसरे की सेवा करना।

572

धन, यौन, और सामर्थ्य से उत्तम (Better Than Money, Sex, and Power)

573

इब्रानियों 13:15-25 यीशु मसीह की सर्वश्रेष्ठता का आदर करो अपने जीवन के द्वारा ।

574

मत्ती 6:16-18 एक सच्चा शिष्य पिता से प्रतिफल पाने की आशा में उपवास रखता है।

575

यीशु ने मृत्यु के साथ क्या किया (What Jesus Did to Death)

576

इब्रानियों 13:7-15 स्वर्ग की ओर अग्रसर मसीही लोग यीशु के बलिदान को थामते हुए पृथ्वी पर अपना जीवन जीएंगे ।

577

मत्ती 6:9-15 एक सच्चा शिष्य परमेश्वर पिता से उसकी महिमा हेतु प्रार्थना करता है।

578

इब्रानियों 13:1-6 मसीही जो स्वर्ग जा रहे हैं, वे प्रेम, शुद्धता और सन्तुष्टि के जीवन के दारा परमेश्वर की आराधना करेंगे।

579

मत्ती 6:5-8 एक सच्चा शिष्य परमेश्वर को पिता जानकर प्रार्थना करता है।

580

इब्रानियों 12:18-29 आदर और भय के साथ लगे रहो स्वर्ग में प्रवेश करने के लिए।

581

भजन संहिता 16:1-11 परमेश्वर की उपस्थिति में आनन्द की भरपूरी है।

582

सबसे छोटा विश्वास(The Smallest Faith)

583

भजन संहिता 12:1-8 परमेश्वर का जन अपने छुटकारे के लिए परमेश्वर के पवित्र वचनों पर भरोसा रखेगा।

584

मत्ती 6:2-4 सच्चे शिष्य वास्तविक उदारता के लिए पहचाने जाते हैं।

585

इब्रानियों 12:12-17 सावधान रहो और अन्त तक बने रहो।

586

भजन संहिता 15:1-5 परमेश्वर ही विश्वासियों को अपने राज्य में प्रवेश कराएगा।

587

मत्ती 6:1 एक सच्चा शिष्य पाखण्डी धार्मिकता को नकारता है।

588

इब्रानियों 12:3-11 दुख को अनुशासन जान कर सहो, स्वयं की भलाई के लिए।

589

भजन संहिता 14:1-7 बाइबल का परमेश्वर पापियों का उद्धारकर्ता है।

590

सेवा का मुख्य उद्देश्य (The Main Purpose of Ministry)

591

मत्ती 5:48 एक सच्चा शिष्य परमेश्वर की नाई सिद्धता में बढ़ेगा।

592

इब्रानियों 11:17-12:1-3 विश्वास कार्यों में प्रकट होता है और अन्त तक बना रहता है।

593

कौन है जो हमको मसीह के प्रेम से अलग करेगा?/Who Will Separate Us From The Love Of Christ?

594

कष्ट सहने के लिए पाँच उद्देश्य (Five Purposes for Suffering)

595

मत्ती 5:43-47 एक सच्चे शिष्य में परमेश्वर जैसा प्रेम पाया जाएगा ।

596

नये वर्ष के लिए अनुग्रह (Grace for the New Year)

597

इब्रानियों 11:1-16 परमेश्वर में विश्वास हमें महान प्रतिफल प्रदान करता है।

598

कौन हैं परमेश्वर के लोग?/Who Are God's People?

599

मत्ती 5:38-42 एक सच्चा शिष्य प्रतिशोध को नकारेगा।

600

इब्रानियों 10:26-39 विद्रोह बरबादी की ओर परन्तु धीरज महान प्रतिफल की ओर लेकर के जाता है।