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मार्ग सत्य जीवन | Marg Satya Jeevan — 672 episodes · page 6 of 7
हमें अपने शत्रुओं से प्रेम क्यों करना चाहिए?/(Why We Should Love Our Enemies?)
Psalm 27:1-14 परमेश्वर पर भरोसा करना/Trusting In God.
एक महान अदला-बदली/(The Great Exchange)
Psalm 26:1-12 परमेश्वर करुणामय, न्यायी, और अनुग्रहकारी है/God Is Compassionate, Just And Gracious
प्रभु यीशु ने हमें अपने लहू के द्वारा अपना बना लिया/The Lord Jesus Made Us His Own By His Blood.
परमेश्वर हमें दूसरों के द्वारा दृढ़ करता है/God Strengthens Us Through Others
Psalm 25:1-22 परमेश्वर भला और करुणामय है/ God is Good And Merciful
अर्थहीन प्रार्थनाएं मत करो!/Do Not Make Meaningless Prayers!
चाहे कुछ मिले न मिले, यीशु ही प्रभु है/ Whether or not you get anything, Jesus is Lord
1Timothy 6:11-21 पाप और इस संसार से भागना/Fleeing From Sin Aand This World.
1 Timothy 6:1-10 सच्चे सुसमाचार के द्वारा प्रेरित सच्ची भक्ति/True Godliness Driven By The True Gospel.
सेवकाई और मनुष्य का भय (Ministry and the Fear of Man)
Psalm 24:1-10 परमेश्वर प्रतापी राजा है/God Is The King Of Glory
1Timothy 5:17-25 कलीसिया को निर्देश प्राचीनों के सम्बन्ध में/Instructions To The Church Regarding...
1Timothy 5:3-16 कलीसिया में विधवाओं की सुधि/Concern For Widows In The Church
1Timothy 5:1-2 बाइबल पर आधारित सुधार एवं निवेश/Biblical Correction And Investment.
1Timothy 4:12-16 एक प्रचारक का जीवन और सिद्धान्त/The Life And Doctrine Of A Preacher.
1Timothy 4:6-11 सुसमाचार की विश्वसनीय सेवकाई/Faithful Ministry Of The Gospel.
क्यों हमें अपनी आशा को थामे रहना चाहिए(Why We Must Hold Fast Our Hope)
Psalm 23:1-6 परमेश्वर हमारा चरवाहा है/God Is Our Shepherd.
1Timothy 4:1-5 झूठी शिक्षा/False Teaching
1Timothy 3:14-16 परमेश्वर का परिवार/God's Family
1Timothy 3:8-13 धर्म सेवक/Deacons
1Timothy 3:1-7 कलीसिया में अगुवों की योग्यताएं/Qualifications For Leaders In The Church
1Timothy 2:8-15 कलीसियाई आराधना में उचित व्यवहार/Proper Behaviour In Church Worship
अर्थहीन प्रार्थनाएं मत करो!/Do Not Make Meaningless Prayers!
आप भाग्यशाली हैं जब आप यीशु के लिए सताये जाते हैं/You Are Privileged When You Are Persecuted For.
1Timothy 2:1-7 सुसमाचार वृद्धि हेतु प्रार्थना करो।/Pray For Gospel Growth
परमेश्वर आपकी चिन्ता करता है(God Cares for You)
Psalm 22:1-31 परमेश्वर अपने लोगों की प्रार्थना सुनता है/God Hears The Prayers Of His People
1Timothy 1:12-20 सच्चे सुसमाचार पर सच्चा विश्वास।/True Faith in the True Gospel.
1Timothy 1:6-11 झूठे शिक्षक और व्यवस्था का गलत उपयोग/False Teachers and Misuse of the Law
1Timothy 1:1-5 सच्चे सुसमाचार का निर्भयता से प्रचार करो/Preach The True Gospel Without Fear
नम्रता क्या है?(What Is Meekness?)
Psalm 21:1-13 परमेश्वर की आराधना/Worshipping God
सचेत रहो! और अपने पापों के पश्चाताप के लिए प्रार्थना करो/Stay Alert! And Pray For The Repentance Of Your Sins.
चाहे कुछ मिले न मिले, यीशु ही प्रभु है/ Whether or not you get anything, Jesus is Lord
क्या आप परमेश्वर की इच्छा के अनुसार प्रार्थना करते हैं?/Do You Pray According To God's Will?
धन के लोभ से भागो!/Flee From The Greed of Money!
आप यौन पाप में क्यों गिरते हैं?(Why You Give In to Sexual Sin?)
तुम हो नमक।/You Are Salt.
प्रार्थना में परमेश्वर को गंभीरता से लो।/Take God Seriously In Prayer.
परमेश्वर हमारी प्रार्थनाओं को सुनता है/God Listens To Our Prayers
यीशु ने कहा, “जीवन का जल मैं हूँ”/Jesus Said, “I Am The Living Water”
अपने शत्रु के लिए प्रार्थना करने का क्या अर्थ है(What It Means to Pray for Your Enemy)
Acts 1:1-11 यीशु के गवाह बनो/ Be Witnesses Of Jesus
थोड़े से आराम के लिए परमेश्वर को मत तिरस्कारो/Do Not Reject God For A Little Comfort
यीशु मसीह के द्वारा हम परमेश्वर के पास पहुँच सकते हैं/We Can Reach God Through Jesus Christ.
हम कुछ नहीं कर सकते हैं? (We Can Do Nothing?)
Matthew 28:16-20 जाओ और चेले बनाओ/Go And Make Disciples
Luke 23:46 - मृत्यु पर अधिकार का वचन/The Word Of Authority On Death
John 19:30 - विजय का वचन/The Word Of Victory
John 19:28-29 - दुख उठाने का वचन/The Word Of Suffering
Mark 15:33-35 - वेदना का वचन/The Word Of Anguish
John 19:25-27 - नये आत्मिक सम्बन्ध का वचन/The Word Of New Spiritual Relationship.
Luke 23:43 - उद्धार का वचन/The Word Of Salvation
Luke 23:33-34 - क्षमा का वचन/The Word Of Forgiveness
Psalm 19:1-14 परमेश्वर का प्रकाशन/God's Revelation.
Hebrews 13:15-25 यीशु की श्रेष्ठता का आदर करो/Honour the supremacy of Jesus
John 21:15-17 यीशु से प्रेम और उसके लोगों की सेवा करो/ Love Jesus And Serve His People.
Psalm 18:1-50 परमेश्वर छुटकारा देने वाला चट्टान है/God Is The Rock Of Our Salvation.
Luke 24:13-35 यीशु को जानने के लिए बाइबल को जानिए/Know The Bible To Know Jesus
जब हर कोई आपको त्याग देता है(When Everyone Deserts You)
उदारता हेतु पाँच पुरस्कार ( Five Rewards for Generosity )
जब आज्ञाकारिता असम्भव लगती है (When Obedience Feels Impossible)
Luke 24:1-12 जी उठे यीशु पर विश्वास करो/Believe In The Risen Jesus.
क्रूस से यीशु की सात वाणियां/The Seven Sayings Of Jesus On The Cross
क्या यीशु मसीह सच में क्रूस पर मारे गए थे?/ Was Jesus Christ Really Killed On The Cross?
लूका 19:28-40 यीशु मसीह प्रतिज्ञा किया हुआ राजा है, इसीलिए उसके लोग उसकी आराधना करेंगे।
भजन संहिता 17:1-15परमेश्वर छुटकारा और सुरक्षा देने वाला है/God Gives Deliverance And Protection.
मरकुस 10:35-45 यीशु के पीछे चलने का अर्थ है यीशु के समान दुख उठाना और एक दूसरे की सेवा करना।
धन, यौन, और सामर्थ्य से उत्तम (Better Than Money, Sex, and Power)
इब्रानियों 13:15-25 यीशु मसीह की सर्वश्रेष्ठता का आदर करो अपने जीवन के द्वारा ।
मत्ती 6:16-18 एक सच्चा शिष्य पिता से प्रतिफल पाने की आशा में उपवास रखता है।
यीशु ने मृत्यु के साथ क्या किया (What Jesus Did to Death)
इब्रानियों 13:7-15 स्वर्ग की ओर अग्रसर मसीही लोग यीशु के बलिदान को थामते हुए पृथ्वी पर अपना जीवन जीएंगे ।
मत्ती 6:9-15 एक सच्चा शिष्य परमेश्वर पिता से उसकी महिमा हेतु प्रार्थना करता है।
इब्रानियों 13:1-6 मसीही जो स्वर्ग जा रहे हैं, वे प्रेम, शुद्धता और सन्तुष्टि के जीवन के दारा परमेश्वर की आराधना करेंगे।
मत्ती 6:5-8 एक सच्चा शिष्य परमेश्वर को पिता जानकर प्रार्थना करता है।
इब्रानियों 12:18-29 आदर और भय के साथ लगे रहो स्वर्ग में प्रवेश करने के लिए।
भजन संहिता 16:1-11 परमेश्वर की उपस्थिति में आनन्द की भरपूरी है।
सबसे छोटा विश्वास(The Smallest Faith)
भजन संहिता 12:1-8 परमेश्वर का जन अपने छुटकारे के लिए परमेश्वर के पवित्र वचनों पर भरोसा रखेगा।
मत्ती 6:2-4 सच्चे शिष्य वास्तविक उदारता के लिए पहचाने जाते हैं।
इब्रानियों 12:12-17 सावधान रहो और अन्त तक बने रहो।
भजन संहिता 15:1-5 परमेश्वर ही विश्वासियों को अपने राज्य में प्रवेश कराएगा।
मत्ती 6:1 एक सच्चा शिष्य पाखण्डी धार्मिकता को नकारता है।
इब्रानियों 12:3-11 दुख को अनुशासन जान कर सहो, स्वयं की भलाई के लिए।
भजन संहिता 14:1-7 बाइबल का परमेश्वर पापियों का उद्धारकर्ता है।
सेवा का मुख्य उद्देश्य (The Main Purpose of Ministry)
मत्ती 5:48 एक सच्चा शिष्य परमेश्वर की नाई सिद्धता में बढ़ेगा।
इब्रानियों 11:17-12:1-3 विश्वास कार्यों में प्रकट होता है और अन्त तक बना रहता है।
कौन है जो हमको मसीह के प्रेम से अलग करेगा?/Who Will Separate Us From The Love Of Christ?
कष्ट सहने के लिए पाँच उद्देश्य (Five Purposes for Suffering)
मत्ती 5:43-47 एक सच्चे शिष्य में परमेश्वर जैसा प्रेम पाया जाएगा ।
नये वर्ष के लिए अनुग्रह (Grace for the New Year)
इब्रानियों 11:1-16 परमेश्वर में विश्वास हमें महान प्रतिफल प्रदान करता है।
कौन हैं परमेश्वर के लोग?/Who Are God's People?
मत्ती 5:38-42 एक सच्चा शिष्य प्रतिशोध को नकारेगा।
इब्रानियों 10:26-39 विद्रोह बरबादी की ओर परन्तु धीरज महान प्रतिफल की ओर लेकर के जाता है।