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Asha Ki Kiran

साथियों यह हिंदी भाषी पॉडकास्ट है मेरा नाम किरन आचार्य है। जिंदगी बहुत ही सुंदर और खूबसूरत है शर्त यह है कि हम सकारात्मक भावों को अपने भीतर पनपने दें खुशियों को फलने फूलने दे आशाओं के दीप जलाएं और उम्मीदों की उड़ानें भरी जीवन के सफर को और भी सुंदर बनाने के लिए मूल्यवान बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए जीवन और उसके आसपास के वातावरण और लोगों को समझने के लिए इस पॉडकास्ट में सामग्री को जोड़ा जाएगा फिलहाल श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक और उनके अर्थ व उनसे जुड़े हुए तथ्यों को हम इन पॉडकास्ट में पड़ेंगे जो हमें अपनी संस्कृति की समृद्धि से हमें परिचित करवाएगा आशा ही नहीं पूरा विश्वास है कि आप पॉडकास

  1. 63

    श्रीमद्भगवद्गीता टीका पठन एपि सं. 37 अध्याय 3 का श्लोक संख्या 8

    सुप्रभात 🌻जय श्री कृष्ण 🙏दिन का शुभारंभ श्रीमदभगवतगीता के श्लोक के श्रवण करने से संपूर्ण दिवस के परिपेक्ष्य को ही गीता की दृष्टि से दिखने लगता है । श्री कृष्ण भगवान के मुखारविन्द से निकली वाणी के श्रवण से जीवन सहज सरल लगने लगता है। कुछ मिनिट निकालें अवश्य सुनें।🙏

  2. 62

    श्रीमद्भगवद्गीता टीका पठन एपि सं. 36 अध्याय 3 का श्लोक संख्या 7

    🌻सुप्रभात 🌻जय श्री कृष्ण 🙏दिन का शुभारंभ श्रीमदभगवतगीता के श्लोक के श्रवण करने से संपूर्ण दिवस का परिपेक्ष को ही आप गीता की दृष्टि से देखने लगता है श्री कृष्ण भगवान के मुखारविन्द से निकली वाणी के श्रवण से जीवन सहज सरल लगने लगता है। कुछ मिनिट निकालें अवश्य सुनें।🙏

  3. 61

    पंचतंत्र की कहानियां- 11 बच्चों और बड़ों की नीतिगत शिक्षा के लिए श्रेष्ठ

    🌻सुप्रभात 🌻बड़े भी बन गए बच्चे सुनकर पंचतंत्र की कहानियां 🌻आज सुनिए धूर्त कुटिल चालाक गीदड़ दमनाक व करटक किस तरह से अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए संजीवक बैल और पिंग लक शेर की मित्रता को तोड़ने के लिए षड्यंत्र रच रहे हैं अगली बार सुलेंगे और खटमल की कहानी,🌼🏵️🌼🏵️

  4. 60

    श्रीमद्भगवद्गीता टीका पठन एपि सं. 35 अध्याय 3 का श्लोक संख्या.6

    🌞आप सभी को मकर सक्रांति की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।🌞 सेवा से समता सहजता विनम्रता शाति आदि गुण विकसित होते है अतः हम सेवाकर्म करें।और गीता में श्री कृष्ण.अर्जुन से कहते हैं कोई भी मनुष्य बिना कर्म किए नहीं रह सकता प्रत्येक मनुष्य. प्रकृति. द्वारा कर्म करने को बाध्य है। केवल ऊपर से इंद्रियों को विषयों से हटा लेना उचित नहीं।

  5. 59

    पंचतंत्र की कहानियां -10 बड़ों और बच्चों की नीतिगत शिक्षा के लिए श्रेष्ठ

    सुप्रभात बड़े भी बन गए बच्चे सुनकर पंचतंत्र की कहानियां। अवश्य सुने ।दमनक करटक को सुना रहा है भासुरक सिंह और नन्हे से खरगोश की कहानी किस तरह से खरगोश ने बुद्धि का प्रयोग कर बलशाली शेर को मार डाला।

  6. 58

    श्रीमद्भगवद्गीता टीका पठन एपि सं. 34 अध्याय 3 का श्लोक संख्या 5

    श्री कृष्ण.अर्जुन से कहते हैं कोई भी मनुष्य बिना कर्म किए नहीं रह सकता प्रत्येक मनुष्य. प्रकृति. द्वारा कर्म करने. को.बाध्य है

  7. 57

    श्रीमद्भगवद्गीता टीका पठन एपि सं. 33 अध्याय 3 का श्लोक संख्या.4

    श्री कृष्ण अर्जुन से कहते हैं मनुष्य कर्मों का आरंभ किए बिना निष्कर्मता को यानी कि योग निष्ठा को प्राप्त नहीं होता ना कर्मों के त्याग से साक्षर एसटी प्राप्त करता है

  8. 56

    श्री भगवद्गीता पठन एपि 32 अध्याय 3श्लोक संख्या 3 ज्ञान योग व सांंख्य .योग क्या हैं

    श्री कृष्ण के उपदेश को व्यामिश्रित बताकर यानी कि मिले हुए बताकर अर्जुन ज्ञान योग एवं सांख्य योग में से किसे अपनाया जाए अधिक स्पष्ट करने के लिए कहते हैं श्रीकृष्ण इसी तथ्य को स्पष्ट इसे ही स्पष्ट कर रहे हैं।

  9. 55

    गीतों से सजी कहानी" राखी"लेखक स्वर कंपोजीशन किरन आचार्य

    रक्षाबंधन की सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं गीतों से सजी कहानी* राखी* राखी के त्योहार पर जरूर सुने भाई बहन साथ -साथ हैं तो परिवार केसाथ बैठकर सुनें।भाई या बहन दूर है तो उनके साथ गीतों से सजी यह कहानी जरूर शेयर करें यकीन मानिए भावपूर्ण इस कहानी को सुनकर आपके रिश्ते प्रेम स्नेह और प्रगाढ़ होंग। गीतों से सजी इस कहानी को रचना में मेरी आंखें कई बार ना हुई जो आपको भी भावनाओं से भिगो देगी सुने और मैसेज करें कैसी लगी।

  10. 54

    अ3 -31 श्लो 1-2 ज्ञानयोग कर्मयोगमें से कौन सा योग श्रेष्ठ है अर्जुन श्री कृष्ण से जानना चाहते हैं

    श्री‌‌मद् भगवत गीता विवेचना व टीका पठन तृतीय अध्याय का आरंभ यह कर्मयोग अध्याय भी कहलाता है।

  11. 53

    ध्रुवों ‌का‌ मिलाप -2 गीतों ‌से सजी कहानी लैखक निर्देशक ‌स्वर‌ किरन‌ आचार्य

    ध्रुवों का मिलाप ।। प्रस्तुत हैं गीतों से सजी कहानी इसका पहला भाग हमने कुछ दिनों पहले प्रेषित किया था आज इसका दूसरा एवं अंतिम भाग प्रस्तुत है संगीत के द्वारा वातावरण निर्माण का प्रयास भावपूर्ण संवाद आदायगी एवं आबू की पहाड़ों में ले जाने का प्रयास इसका पहला भाग भी शेयर कर रहे हैं उसे भी सुने। आज है संडे फन डे

  12. 52

    भगवतद्गीता -29 अ 2 श्लो 69 -70 स्थितप्रज्ञ सिंधु में कई नदियों को समा लेने वाले समुद्र के समान होता

    🙏🌷सुप्रभात🌷🙏कई नदियों का जल जब सब ओर से परिपूर्ण अचल प्रतिष्ठा वाली समुद्र में उसको विचलित न करते हुए भी समा जाता है वैसे ही सब भोग जिस स्थितप्रज्ञ पुरुष में किसी प्रकार का विकार उत्पन्न किए बिना ही समा जाते हैं वहीं पुरुष परम शांति को प्राप्त होता है भोगों को चाहने वाला नहीं

  13. 51

    पंचतंत्र की कहानियां -9 बड़ों और बच्चों की नीतिगत शिक्षा के लिए श्रेष्ठ

    🌷सुप्रभात🌷 🙏पंचतंत्र की कहानियों के आज के भाग में श्रीमती भारतीय वैष्णव का मैसेज शामिल किया गया है और आज की कहानी मूर्ख साधु और ठाक प्रस्तुत करें स्वीडन से विजय लक्ष्मी भारती जी और विजया का बहुत-बहुत धन्यवाद अपने भीतर के बच्चे को जगाए रखिए पंचतंत्र की कहानियां सुनते रहिए

  14. 50

    कर्मयोगी -कोरोना योद्धा, अतिथि -RJ प्रदीप लिंगवाण, संवाद- किरन आचार्य

    🙏🌷सुप्रभात 🌷 🙏कर्म योगी कोरोनायोद्ध में आज मिलिए प्रदीप लिंगवाण से जो रेडियो खुशी में आर जे हैं। कुमाऊं गढ़वाल क्षेत्र के रहने वाले मसूरी में एक कम्युनिटी रेडियो पर कार्यरत हैं पहाड़ी क्षेत्र में लोगों के जीवन को समझने के लिए कोरोनाकाल में पहाड़ी क्षेत्र में उनके अनुभव तथा युवाओं की प्रतिनिधित्व को समझने के लिए आप से की गई रोचक बातचीत। समय सीमा के बंधन से मुक्त स्वाभाविक आत्मीयता पूर्ण साक्षात्कार धन्यवाद प्रदीप

  15. 49

    अ.2 भाग 28,श्लोक67-68, श्री कृष्ण द्वारा सुंदर दृष्टांत से स्थिरता एवं शांति प्राप्ति हितोपदेश।

    🙏🌷सुप्रभात🌷🙏श्री कृष्ण अर्जुन को इंद्रिय नियंत्रण हितोपदेश दे रहे हैं वही मनुष्य को स्थिर प्रज्ञ बनाता है एवं मनुष्य शांति को प्राप्त करता है

  16. 48

    कर्म योगी कराना योद्धा अतिथि अभिनेत्री माहिया दाधीच संवाद किरन आचार्य

    🙏🌷सुप्रभात🌷🙏 अभिनेत्री माहिया दाधीच ने हिंदी राजस्थानी फिल्मों और हिंदी सीरियल्स में काम किया है राजस्थान में सीकर की रहने वाली है।कोरोना ने सभी के जीवन को प्रभावित किया है कलाकारों के जीवन ‌को‌ भी। फिल्मों का निर्माण रुक गया शूटिंग बंद हो गई। ऐसे में समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए माहिया दाधीच समाज हित सेवा के कार्य कर रही है। एक अभिनेत्री से सादगीपूर्ण सहज साक्षात्कार। अवश्य सुने

  17. 47

    पंचतंत्र की कहानियां -9 बड़ों एवं बच्चों की नीतिगत शिक्षा के लिए श्रेष्ठ

    सुप्रभात लोमड़ी ने सुनाई कहानी कि चतुराई से बड़े से बड़े शत्रु को भी परास्त किया जा सकता है। पंचतंत्र की कहानियां लंदन में रहने वाले शौर्य की सुनते हैं आज के एपिसोड में शौर्य और इंडिया में रहने वाले नानी साधना सारस्वत के बड़े ही सुंदर मैसेजेस शामिल गए किए गए हैं। साथी अनुश्री दाधीच की आवाज ‌में कहानी। बड़े भी बन गए बच्चे सुनकर पंचतंत्र की कहानियां। अवश्य सुने

  18. 46

    अध्याय 2 भाग 27 श्लोक 64-66 ।श्री कृष्ण का अर्जुन को जीवन में शांति प्राप्त करने का उपदेश

    🙏🌷सुप्रभात🌷🙏श्री कृष्ण अर्जुन को ‌ सहज‌ ही वास्तविक शांति कैसे प्राप्त करें उपदेश देते हैं। सुंदर विवेचना अवश्य सुने।

  19. 45

    गीतों से सजी कहानी : ध्रुवों का मिलाप-1. लेखक निर्देशक किरन आचार्य। स्वर किरन आचार्य‌व अनुश्री दाधीच

    🙏🌷सुप्रभात🌷🙏 आशा की किरन में आज प्रस्तुत है गीतों से सजी यह कहानी जो 7 वर्ष पूर्वकंप्यूटर पर ऑडियो सिटी ऐप में बनाई गई। कंप्यूटर से हम लैपटॉप पर आ गए ऐसा लगा की कहानी कहीं खो गई लेकिन अचानक ही पता चला कि यह गीतों भरी कहानी या इसे ऑडियो ड्रामा विद सोंग्स भी कह सकते हैं अभी तक हमारे पास सेव है तो आशा की किरन में एक अलग फ्लेवर की प्रस्तुति यह गीतों से सजी कहानी ध्रुवों का मिलाप। आज प्रस्तुत है इसका पार्ट 1

  20. 44
  21. 43

    अ 2 भाग 26 श्लोक 60-63 श्री कृष्ण का उपदेश ।इंद्रिय संयमी की विशेषता तथा क्रोध पतन का कारण है

    🙏🌷सुप्रभात🌷🙏श्री कृष्ण का अर्जुन को उपदेश 60वें श्लोक में इंद्रियों की प्रबलता का निरूपण किया है 61 से में मन और इंद्रियों के संयम पूर्वक भगवत्परायण होने के लिए कहकर इंद्रिय विजयी मनुष्य की प्रशंसा की है 62 की और 63 में विषय चिंतन से पतन का क्रम बतला कर क्रोध को पतन का कारण बताया है बहुत सुंदर विवेचना एक बार भी चित्त लगाकर सुनेंगे मनन करेंगे कि क्रोध को पतन का कारण ।सुंदर विवेचना अवश्य सुनें धन्यवाद

  22. 42

    कर्मयोगी : कोरोनायोद्धा अतिथि श्री गोपाल लखन उद्घोषक आकाशवाणी जयपुर संवाद किरनआचार्य

    🙏🌷सुप्रभात🌷🙏आज के हमारे अतिथि हैं आकाशवाणी जयपुर में सीनियर रेडियो एनाउंसर श्री गोपाल लखन श्रेष्ठ प्रस्तुतकर्ता एवं उम्दा आवाज़ के धनी हैं।कोरोना के कठिन ‌काल में भी रेडियो ने अपना प्रसारण जारी रखा।उद्घोषक की आवाज हमें सूचनाएं देती रही और मनोरंजन किया।तो ये भी है कोरोनायोद्धा। कोरोनाकाल में‌ रेडियो की भूमिका और एक उद्घोषक के अनुभव‌‌और चुनौतियों को हमारे साथ साझा किया आपने। एक संवेदनशील धारा प्रवाह में बहता साक्षात्कार। समय देने के लिए गोपाल जी का धन्यवाद। आशा की किरन‌ पर रोचक बातचीत अवश्य सुने।

  23. 41

    पंचतंत्र की कहानियां एवं बच्चों की नीतिगत शिक्षा के लिए श्रेष्ठ भाग संख्या 7

    पंचतंत्र की कहानियों में आज शामिल की गई है धन तिल और गौरव की कहानी हमें सभी का सम्मान करना चाहिए छोटे से छोटा व्यक्ति भी बड़े से बड़े व्यक्ति को सबक सिखा सकता है वैसे प्रेरणा देती हुई है कहानी आज के एपिसोड में शामिल किया गया है माउंट आबू से प्रणव चौहान का बहुत ही खूबसूरत मैसेज इन्होंने बड़ी सुंदरता से अपनी प्यारी सी आवाज में अपना संदेशम तक पहुंचाया है अवश्य सुने धन्यवाद

  24. 40

    श्रीमद्भगवद्गीता पठन का 25 वां भाग अध्याय 2 श्लोक संख्या 59

    आशा की किरण में श्रीमद्भागवत गीता पठन का यह 25 वां भाग है आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं बधाई आपने जो सहयोग दिया उसके लिए ह्रदय से आभार धन्यवाद यह साथ ऐसे ही बना रहे आज के एपिसोड में इस 25 विभाग के लिए प्राप्त विशेष धनी संदेशों में श्रीमती शांता भट्ट श्रीमती रुकमणी देवी आचार्य माउंट आबू सेप्रणव चौहान वंडर सीमेंट निंबाहेड़ा सेयाशिता शर्मा राजसमंद कांकरोली सेभारती आचार्य रायला भीलवाड़ा से दुर्गा शर्मा पीपली आचार्य कांकरोली से राम गोपाल जी आचार्य एवं इंदौर मध्य प्रदेश से जया दाधीच के बड़े ही सुंदर मैसेज शामिल किए गए हैं आप सभी का पुनः बहुत आभार

  25. 39

    पंचतंत्र की कहानियां बड़ों और बच्चों की नीतिगत शिक्षा के लिए श्रेष्ठ भाग 6

    बच्चों कहानी का इंतजार खत्म हुआ किरन दी आज आपको सुना रही हैं दमनक ने अपनी चतुराई से पिंगलक शेर और संजीवक बैल का मध्यस्थ बन कर मंत्री पद प्राप्त कर लिया रोचक कहानी जरूर सुने।

  26. 38

    कर्म योगी कोरोनायोद्धा अतिथि विरजा शर्मा संवाद किरन‌आचार्य कोराना पॉजिटिव से कोरोना विजेता का सफर

    विरजा शर्मा एक नर्स है भीलवाड़ा में अस्पताल में कार्यरत थी अस्पताल के कई डॉक्टर मेडिकल स्टाफ कोरोना से संक्रमित हो गया उसमें से आप भी एक हैं परंतु स्वस्थ होकर के वहां से निकल आई । इस दौरान परिवार और स्वयं को बहुत सारी परेशानियों को‌झेलना पड़ा उनकी बात को हमने सुना क्योंकि कई बार किसी को सुन लिया जाए तो उसको बहुत अच्छा लगता है कि कोई है जो हमें समझ पा रहा है। विरजा को बहुत शुभकामनाएं उनके आगामी जीवन के लिए धन्यवाद

  27. 37

    अध्याय 2 श्लोक संख्या 57-58 ep.24 स्थितप्रज्ञ मनुष्य इंद्रियों को कछुए की भांति समेट लेता है।

    श्री कृष्ण का अर्जुन को स्थितप्रज्ञ मनुष्य के लक्षण स्पष्ट करते हैं इंद्रियों को नियंत्रण में रख कछुए की भांति इंद्रियों को समेटे रहता है । बहुत सुंदर विवेचना भौतिक युग में जीवन में इस तरह के उपदेश जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं

  28. 36

    पंचतंत्र की कहानियां बड़ों व बच्चों की नीतिगत शिक्षा के लिए श्रेष्ठ भाग- 5

    बच्चों का इंतजार खत्म हुआ। आज सुनेंगे पंचतंत्र की कहानियों में गोमायू गीदड़ की कहानी ढोल में पोल किरन दीदी के साथ।आज के एपिसोड में शामिल किया गया है या सीता शर्मा के तक लाती आवास वाला मैसेज।

  29. 35

    कर्मयोगी :कोरोना योद्धा,अतिथि अरुण जोशी संयुक्तनिदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग जयपुरसंवाद-किरनआचार्य

    उच्च एवं जिम्मेदार पद पर आसीन श्री अरुण जोशी से कोरोना काल में सूचनाओं संदेशों का समय पर संप्रेषण हेतु समाचार एवं एडवाइजरी संदेशों को सरल भाषा में प्रचार-प्रसार हेतु तत्परता से किया कार्य एवं उनके अनुभव को विस्तृत रूप से समझने के लिए यह इंटरव्यू किया गया रोचक साक्षात्कार अवश्य सुनें

  30. 34

    पंचतंत्र की कहानियां बड़ों और बच्चों की नीतिगत शिक्षा के लिए श्रेष्ठ, भाग ४

    करटक और दमनक नामक गीदड़ पिगलक नामक शेर के पीछे पीछे रहते और मंत्री पद से हटाए गए हैं अब सोच रहे हैं कि किस प्रकार पिंगलक के भयभीत होने का लाभ उठाकर पुनः मंत्री पद प्राप्त किया जाए। आइए सुने यह रोचक संवाद

  31. 33

    अध्याय २ भाग २२ श्री कृष्ण का अर्जुन को कर्म योगी बन‌ वैराग्य भाव रख अनामय पद प्राप्ति का उपदेश

    प्रस्तुत अध्याय में श्री कृष्ण ने अर्जुन को कर्मयोगी बनाने तथा वैराग्य भाव कर्म करने का उपदेश दिया है आज की विवेचना में गीता में उद्धृत विभिन्न योग और योगी पद के अर्थ की विस्तृत विवेचना की गई है

  32. 32

    पंचतंत्र की कहानियां -३ बच्चे बड़ों की नीतिगत शिक्षा के लिए श्रेष्ठ भाग संख्या

    पंचतंत्र की कहानियों में आज की कहानी बंदर और लकड़ी का खूंटा आज के बाद दमनकऔर करटक की बातें आगे उन्हें क्या करना है।जरूर सुने

  33. 31

    द्वितीय अध्याय भाग 21 श्री कृष्ण का अर्जुन को उपदेश कर्म योगी समत्व भाव से कर्म करें श्लोक 49-50

    प्रस्तुत भाग में श्री कृष्ण अर्जुन समत्व भाव को और अधिक स्पष्ट कर रहे हैं किस प्रकार हमें कर्म योगी बनाने की और उदृत् होना चाहिए

  34. 30

    पंचतंत्र की कहानियां बच्चों एवं बड़ों की नीतिगत शिक्षा के लिए श्रेष्ठ

    आशा की किरन में पंचतंत्र की कहानियां प्रस्तुत कर रहे हैं जो रोचक ढंग से हमें नीतिगत शिक्षा देती है अगर आप सभी संदेश भेजकर जरूर बताएं कि यह प्रयास कैसा लगा कुछ बच्चे अगर पंचतंत्र की कहानियां अपनी आवाज में रिकॉर्ड करके भेजना चाहते हैं तो जरूर बताएं हम उन्हें कहानी भेजेंगे और रिकॉर्डिंग आप हमें भेजेंगे फिर हम उनकी आवाज में कहानी सुनेंगे

  35. 29

    द्वितीय अध्याय भाग 20 कर्मण्येवाधिकारस्ते श्लोक की सुंदर विस्तृत विवेचना कर्म योग का उपदेश

    द्वितीय अध्याय की भाग संख्या 20 श्लोक 47 एवं 48 में श्री कृष्ण अर्जुन को बता रहे है कि कर्म के महत्व को बतला कर कहते हैं कि कर्म करना मनुष्य की कर्तव्य है अतः बिना आ सकती मोह ममता के कर्म करना चाहिए।

  36. 28

    ।।पंचतंत्र की कहानियां।। बच्चों के लिए आशा की किरन।।नीति गत शिक्षा हेतु श्रेष्ठ।।

    आशा की किरन लेकर आई है बच्चों बड़ों सभी के लिए पंचतंत्र की रोचक कहानियां।। जीवन‌में नीति गत निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाने में सहायक।

  37. 27

    अध्याय 2 भाग संख्या 19 भगवान श्री कृष्ण का अर्जुन को कर्म योग का उपदेश आरंभ श्लोक संख्या 45 46

    भगवान श्री कृष्ण का अर्जुन को सकाम भाव से कर्मरत रहने का उपदेश का आरंभ आज के एपिसोड में पंडित विष्णु‌जी दाधीच टोरडी का सुंदर संदेश शामिल किया गया है

  38. 26

    अध्याय 2 भाग 18 निश्चयात्मक एवं अस्थिर बुद्धि में भेद

    श्री कृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि स्थिर व विषम बुद्धि वाले सकाम व्यक्ति मात्र स्वर्ग को ही अपना लक्ष्य समझते है। वास्तव में ऐसा सोचने वालेभ्रमित है । स्थिर एवं निश्चयात्मक बुद्धि वाले व्यक्तियों को यह स्पष्ट होता है कि परम परमात्मा को प्राप्त करना ही उनकालक्ष्य है

  39. 25

    कर्मयोगी :कोरोनायोद्धा ।।आर्टिस्ट सत्येश विश्वकर्मा मुकेश विश्वकर्मा, संवाद किरन आचार्य

    छोटे से गांव में रहने वाले आर्टिस्ट सत्येश और मुकेश विश्वकर्मा ने कोरोना के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए संदेश युक्त पेंटिंग्स बनाई और सोशल मीडिया पर शेयर की ऐसे लघु प्रयासों से ही एक बड़ा परिवर्तन आता है

  40. 24

    अध्याय 2 भाग 17 श्लोक 39 40 कर्म योग व ज्ञान योग मेंसमभाव रख भावपूर्ण कर्म के प्रति उपदेश

    प्रस्तुत विवेचना में कर्म योग एवं ज्ञानयोग में संभव रखकर शास्त्र सम्मत भावपूर्ण कर्म करने पर क्षण मात्र में उद्धार हो जाता है यह बतलाया गया है श्री कृष्ण का अर्जुन को जीवन की सारगर्भित आ को स्पष्ट करता उपदेश

  41. 23

    अध्याय 2 भाग 16 श्री कृष्ण ने अर्जुन को क्षात्र धर्म का पालन कर समभाव से युद्ध करने की आज्ञा दी

    36 वें श्लोक तक क्षात्र धर्म की दृष्टि से युद्ध को अर्जुन का स्वधर्म बतला कर उसका त्याग करना सब प्रकार से अनुचित सिद्ध करते हुए 37 वें में युद्ध को इस लोक और परलोक दोनों में लाभप्रद बतला कर अर्जुन को युद्ध करने के लिए तैयार होने की आज्ञा दी है आगे समत्व को युद्धाद्धि कर्मों में पाप से निर्लिप्त रहने का उपाय बतलाया गया है।

  42. 22

    कर्मयोगी ; कोरोना योद्धा ,अतिथि -डॉ विनोद दाधीच चिकित्सा विभाग उदयपुर, संवाद किरन आचार्य

    कोरोना के विरुद्ध इस युद्ध में स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाएं अविस्मरणीय रहेंगी स्वास्थ्य कर्मी किन मानसिक परिस्थितियों में और नए समय की नए संक्रामक वातावरण से सुरक्षित रहने का प्रयास करते हुए कार्य कर रहे हैं। उनके अनुभवों को जानने के लिए आज मिलिए करुणा योद्धा डॉक्टर विनोद दाधीच से आपने 15 दिन तक कोरोनावायरस रोगियों को उदयपुर में सेवाएं दी हैं।

  43. 21

    अध्याय 2 भाग 15 श्री कृष्ण का अर्जुन को सांख्य योग का उपसंहार कर क्षत्रिय धर्म का उपदेश

    श्लोक संख्या 29 से 32 अध्याय द्वितीय श्री कृष्ण आत्मा को अवर्णनीय आश्चर्यचकित कर देने वाला बताते हुए इसके वर्णन श्रवण करने वाले सुनने वाले व्यक्तियों का बारे में बताते हैं सांख्य योग का उपसंहार कर अर्जुन को क्षत्रिय धर्म का पालन कर युद्ध करने के लिए उपदेश देते हैं

  44. 20

    अध्याय 2 भाग 14 श्लोक 24 -28 आत्मतत्व की नित्यता स्पष्ट कर शोक करना अनुचित बताया है

    श्री कृष्णा आत्म तत्व कोतथा नित्य सर्वगत सनातन अव्यक्त अचिंत्य निर्विकार बताकर शोक करना अनुचित सिद्ध करते हैं आत्मा को जन्म में मरने वाला मानने पर भी शरीरों की अनित्यता के कारण शोक करना अनुचित बताया है

  45. 19

    कर्मयोगी : कोरोना योद्धा( ep.1 )अतिथि श्रीमती पूनम जोशी शिक्षिका, बीकानेर,संवाद - किरन आचार्य

    श्री कृष्ण ने कर्मशील बन कर्मयोगी बनने का उपदेश दिया है उसी मूल मंत्र को अपनाकर कुछ लोग कोरोना के संकट काल में अपने स्थान पर रहकर छोटी-छोटी भूमिकाएं निभाने वाले कर्मठ व्यक्तित्व से हम आपकी भेंट इस कार्यक्रम में करवाएंगे। आज की अतिथि श्रीमती पूनम जोशी आपने बीकानेर में कोरोना बीमारी के संक्रमण काल के आरंभ होते ही सर्वप्रथम मास्क बनाकर वितरण करना रोलप्ले द्वारा विद्यालय में व‌व्हाट्सएप पर वीडियो शेयर करके कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में शुरुआती दौर में ही समाज में जागरूकता फैलाने का सजग कार्य किया। आप से प्रेरणा लेकर समाज में कई लोग इस कार्य को अपने-अपने स्तर पर कर सकते हैं। धन्यवाद

  46. 18

    अध्याय 2 भाग 13,, वासांसि जीर्णानि एवं नैनम् छिंदंति श्लोकों की रोचक विवेचना

    श्री कृष्ण कहते हैं आत्मा एक शरीर को छोड़कर दूसरा शरीर ऐसे ही धारण करती है जैसे कोई व्यक्ति पुराने वस्त्र उतारकर नए वस्त्र धारण करता है श्लोक संख्या 23 में स्पष्ट करते हैं आत्मा को कोई शस्त्र भेदनहीं सकता कोई अपनी जला नहीं सकती कोई जल गला नहीं सकता और कोई वायु सुखा नहीं सकती।। बहुत ही रोचक विवेचना

  47. 17

    अध्याय 2 भाग 12, आत्मा नित्यता अविनाशीं का उपदेश देकर श्री कृष्ण अर्जुन को युद्ध रत होने को कहते है

    श्री जयदयाल गोयन्दका की विवेचना के अनुसार आत्मा विकार रहित है यह अविनाशी नित्य शाश्वत एवं चिर कालिक है यह न उत्पन्न होती है नहीं‌ मरती है शरीर मरते हैं शरीर मारे जाते हैं अत्मा ना मरती है न मारी जाती है न मरवाती है यह स्पष्ट कर के श्री कृष्ण अर्जुन को शोक रहित होकर युद्ध करने के लिए उपदेश देते हैं

  48. 16

    भगवान श्री कृष्ण का गीता उपदेश आरंभ द्वितीय अध्याय भाग 10

    श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को युद्ध आरंभ करना क्यों आवश्यक है इस हेतु अर्जुन के शरणागत होने पर उपदेश जहां आत्मा को नित्य बताया गया है

  49. 15

    गीता का द्वितीय अध्याय श्री कृष्ण का अर्जुन को युद्ध आरंभ कराने हेतु प्रयास भाग संख्या 8

    भाग संख्या आठ में द्वितीय अध्याय जो सांख्य योग अध्याय के नाम से भी जाना जाता है उसका आरंभ के एक से पांच के श्लोक में अर्जुन के निरंतर युद्ध न करने गांव चित्र बताने तथा श्री कृष्ण उनकी इस कातर अवस्था से अर्जुन को बाहर निकालने का प्रयास करते हैं

  50. 14

    युद्ध आरंभ से पूर्व अर्जुन का कृष्ण से संवाद भाग संख्या 6

    श्लोक संख्या 31 से 36 तक में अर्जुन श्रीकृष्ण से निरंतर आग्रह कर रहे हैं कि वे युद्ध नहीं करना चाहते क्योंकि युद्ध करना उचित नहीं इससे कुटुंब का नाश होगा और मैं पाप का भागी बनूंगा।

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साथियों यह हिंदी भाषी पॉडकास्ट है मेरा नाम किरन आचार्य है। जिंदगी बहुत ही सुंदर और खूबसूरत है शर्त यह है कि हम सकारात्मक भावों को अपने भीतर पनपने दें खुशियों को फलने फूलने दे आशाओं के दीप जलाएं और उम्मीदों की उड़ानें भरी जीवन के सफर को और भी सुंदर बनाने के लिए मूल्यवान बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए जीवन और उसके आसपास के वातावरण और लोगों को समझने के लिए इस पॉडकास्ट में सामग्री को जोड़ा जाएगा फिलहाल श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक और उनके अर्थ व उनसे जुड़े हुए तथ्यों को हम इन पॉडकास्ट में पड़ेंगे जो हमें अपनी संस्कृति की समृद्धि से हमें परिचित करवाएगा आशा ही नहीं पूरा विश्वास है कि आप पॉडकास

HOSTED BY

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साथियों यह हिंदी भाषी पॉडकास्ट है मेरा नाम किरन आचार्य है। जिंदगी बहुत ही सुंदर और खूबसूरत है शर्त यह है कि हम सकारात्मक भावों को अपने भीतर पनपने दें खुशियों को फलने फूलने दे आशाओं के दीप जलाएं और उम्मीदों की उड़ानें भरी जीवन के सफर को और भी सुंदर बनाने के लिए मूल्यवान बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण...

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Asha Ki Kiran is created and hosted by Kiran Acharya.
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