PODCAST · society
Bakulesh Jamnadas Mehta
by (2) Bakulesh Jamnadas Mehta
मैं गांधीधाम गुजरात में रहेता हुं १८-१-१९५१ मेरी जन्म तारीख है मेरी काव्य रचनाएं और आध्यात्मिक वांचन आप तक पहुंचाने का प्रयत्न करता हुं।
Episodes
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(७) युध्ध खन्ड अध्याय (७).mp3
शंखचूड़का असुर राज्य पर अभिषेक और उसके द्वारा देवों का अधिकार छीन जाना.....
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(६) युद्ध खन्ड अध्याय (६).mp3
दम्भकी तपस्या और विष्णु द्वारा उसे पुत्र प्राप्ति का वरदान, शंखचुडका जन्म तप और उसे वर प्राप्ति........
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(५) युद्धखन्ड अध्याय (५).mp3
देवोंके स्तवनसे शिवजी का कोप शांत होना और शिवजी का उन्हें वर देना.......
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(४) युद्ध खन्ड अध्याय (४).mp3
सर्वदेव मैय रथका वर्णन, शिवजीका उस रथ पर चढ़कर युद्ध के लिए प्रस्थान.....
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(३) युद्धखन्ड अध्याय (३).mp3
देवोंका शिवजीके पास जाकर उनका स्तवन करना, शिवजीके त्रिपुरवधके लिए उद्यत ना होने पर ब्रह्मा और विष्णु का उन्हें समझना....
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(२) युध्धखन्ड अध्याय (२).mp3
तारकपुत्रों के प्रभावसे संतप्त हुए देवोंकी ब्रह्मा के पास करुण पुकार, ब्रह्माका उन्हें शिवके पास भेजना......
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(१) युध्ध खन्ड अध्याय (१).mp3
तारकपुत्र तारकाक्ष, विधुन्माली और कमलाक्षकी तपस्या, और उन्हें ब्रह्मा द्वारा वर- प्रदान ।
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(५) कुमार खन्ड अध्याय (५).mp3
स्वामी कार्तिक और गणेश की बाल लीला, दोनों का परस्पर विवाह के विषय में विवाद......
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(४) कुमारखण्ड अध्याय (४).mp3
पार्वती द्वारा गणेशजी को वरदान, देवों द्वारा उन्हें अग्र पूज्य माना जाना........
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(३) कुमार खन्ड अध्याय (३).mp3
शिवाका अपनी मेलसे गणेशको उत्पन्न करके द्वारपाल पद पर नियुक्त करना.........
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(२) कुमार खन्ड अध्याय (२).mp3
ब्रह्माजी की आज्ञासे कुमारका युद्ध के लिए जाना....
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(१) कुमार खंड अध्याय (१).mp3
देवताओं द्वारा स्कंद का शिव-पार्वती के पास लाया जाना........
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(४०) पार्वतीखन्ड अध्याय (४०).mp3
शिव पार्वती तथा उनकी बारातकी विदाई, भगवान शिवका समस्त देवताओंको विदा करके कैलाश पर रहना और पर्वतीखंड के श्रवण की महिमा.......
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(३९) पार्वतीखन्ड अध्याय (३९).mp3
मेनाकी इच्छा के अनुसार एक ब्राह्मण पत्नीका पार्वतीको पतिव्रता धर्म का उपदेश देना......
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(३८) पार्वतीखन्ड अध्याय (३८).mp3
चतुर्थीकर्म, बारातका कई दिनों तक ठहरना, सप्तर्षियोंके समझाने से हिमालय का बारातको विदा करनेके लिए राजी होना.......
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(३७) पार्वतीखन्ड अध्याय (३७).mp3
रातको परम सुंदर सजे हुए वासगृहमें शयन करके प्रातःकाल भगवान शिवका जनवासेमे आगमन.........
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(३६) पार्वतीखन्ड अध्याय (३६).mp3
शिवके विवाहका उपसंहार, उनके द्वारा दक्षिणा वितरण......
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(३५) पार्वतीखन्ड अध्याय (३५).mp3
शिव पार्वती के विवाह का आरंभ हिमालयके द्वारा शिवके गोत्रके विषय में प्रश्न होने पर नारदजी के द्वारा उत्तर......
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(३४) पार्वतीखन्ड अध्याय (३४).mp3
वर पक्ष के आभूषणों से विभूषित शिवाकी नीरजना........
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(३३) पार्वतीखन्ड अध्याय (३३).mp3
मेना द्वारा द्वारापर भगवान शिवका परीक्षण, उनके रूप को देखकर संतोषका अनुभव......
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(३२) पार्वतीखन्ड अध्याय (३२).mp3
भगवान शिवका अपने परम सुंदर दिव्य रूपको प्रकट करना ।
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(३१) पार्वतीखन्ड अध्याय (३१).mp3
मेनाका विलाप,शिवके साथ कन्याका विवाह न करनेका हठ वगैरह प्रसंग......
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(३०) पार्वती खन्ड अध्याय (३०).mp3
हिमवान द्वारा शिवकी बारातकी अगवानी तथा सबका अभिनंदन एवं वंदन ।
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(२९) पार्वतीखन्ड अध्याय (२९).mp3
भगवान शिव का बारात लेकर हिमालयपुरी की ओर प्रस्थान.......
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(२८) पार्वतीखन्ड अध्याय (२८).mp3
भगवान शिवका नारदजी के द्वारा सब देवताओं को निमंत्रण दिलाना, सबक का आगमन तथा शिवका मंगलाचार एवं गृह पूजन आदि करके कैलाश से बाहर निकलना......
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(२७) पार्वतीखन्ड अध्याय (२७).mp3
हिमवान् का भगवान शिव के पास लग्न पत्रिका भेजना, विवाह के लिए आवश्यक सामान जुटाना, मंगलाचार का आरंभ करना......
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(२६) पार्वतीखन्ड अध्याय (२६).mp3
सप्तर्षियों के समझने तथा मेरु आदिके कहनेसे पत्नी सहित हिमवान् का शिव के साथ अपनी पुत्री के विवाहका निश्चय करना.......
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(२५) पार्वतीखन्ड अध्याय (२५).mp3
मेनाका कोपभवन में प्रवेश, भगवान शिवका हिमवान् के पास सप्तर्षियों को भेजना तथा उनका हिमावन् द्वारा सत्कार.......
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(२४) पार्वतीखन्ड अध्याय (२४).mp3
देवताओं के अनुरोधसे वैष्णव ब्राह्मणके वेषमें शिवजीका हिमवान् के घर जाना और शिवकी निंदा करके पार्वती का विवाह उनके साथ न करनेको कहना........
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(२३) पार्वतीखन्ड अध्याय (२३).mp3
पार्वती का पिता के घर में सत्कार, महादेवजी की नटलीलाका चमत्कार......
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(२२) पार्वतीखन्ड अध्याय (२२).mp3
शिवा और पार्वती की बातचीत, शिवका पार्वती के अनुरोध को स्वीकार करना......
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(२१) पार्वतीखन्ड अध्याय (२१).mp3
पार्वतीजी का परमेश्वर शिवकी महत्ताको प्रतिपादन करना, रोष पूर्वक जटिल ब्राह्मण को फटकारना, सखी द्वारा उन्हें फिर बोलनेसे रोकना तथा भगवान शिवका उन्हें प्रत्यक्ष दर्शन देअपने साथ चलने के लिए कहना.....
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(२०) पार्वतीखन्ड अध्याय (२०).mp3
पार्वतीकी बात सुनकर जटाधारी ब्राह्मणका शिव की निंदा करते हुए पार्वतीको उनकी ओरसे मन को हटा लेने का आदेश देना......
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(१९) पावतीखन्ड अध्याय (१९).mp3
भगवान शंकरका जटिल तपस्वी ब्राह्मणके रूपमें पार्वती के आश्रम पर जाना.......
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(१८) पार्वतीखन्ड अध्याय (१८).mp3
भगवान शिव की आज्ञा से सप्तर्षियोंका पार्वती के आश्रम पर जा उनके शिव अभिषेक अनुराग की परीक्षा करना और भगवान को सब वृतांत बताकर स्वर्ग को जाना........
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(१७) पार्वतीखन्ड अध्याय (१७).mp3
देवताओंका भगवान शिवसेपार्वती के साथ विवाह करने का अनुरोध.......
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(१६) पार्वतीखन्ड अध्याय (१६).mp3
पार्वतीजी की तपस्या विषयक दृढ़ता, उनका पहले से भी उग्र तप, उसे त्रिलोकीका संतप्त होना तथा समस्त देवताओंके साथ ब्रह्मा और विष्णुका भगवान शिव के स्थान पर जाना......
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(१५) पार्वतीखन्ड अध्याय (१५).mp3
शिवकी आराधनाके लिए पार्वतीजी की दुष्कर तपस्या............
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(१४) पार्वतीखन्ड अध्याय (१४).mp3
ब्रह्माजीका शिव की क्रोधाग्निको बड़वानलकी संज्ञा दे समुद्र में स्थापित करके संसारके भयको दूर करना.......
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(१३) पार्वतीखन्ड अध्याय (१३).mp3
रुद्रकी नेत्राग्निसे कामका भस्म होना, रतीका विलाप, देवताओं की प्रार्थनासे शिवका कामको द्वापरमें प्रद्युम्न रूपसे नूतन शरीरकी प्राप्ति के लिए वर देना और रतिका शंबरनगर में जाना..........
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(१२) पार्वतीखन्ड अध्याय (१२).mp3
इंद्र द्वारा कामका स्मरण, उसके साथ उनकी बातचीत तथा उनके कहनेसे कामका शिवको मोहनेके लिए प्रस्थान.........
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(११) पार्वतीखन्ड अध्याय (११).mp3
तारकासुर के सताए हुए देवताओंका ब्रह्माजी को अपनी कष्ट कथा सुनाना........
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(१०) पार्वतीखन्ड अध्याय (१०).mp3
पार्वती और शिव का दार्शनिक संवाद, शिव का पार्वती को अपनी सेवा के लिए आज्ञा देना तथा पार्वती द्वारा भगवान की प्रतिदिन सेवा........
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(९) पार्वतीखन्ड अध्याय (९).mp3
हिमवान् का पार्वती को शिव की सेवा में रखने के लिए उनसे आज्ञा मांगनाऔर शिवका कारण बताते हुए इस प्रस्तावको स्वीकार कर देना.....
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(८) पार्वतीखन्ड अध्याय (८).mp3
भगवान शिवका गंगावतरण तीर्थमें तपस्या के लिए आना, हिमवान् द्रारा उनका स्वागत् पुजन और स्तवन ........
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(७) पार्वतीखन्ड अध्याय (७).mp3
मेना और हिमालय की बातचीत, पार्वती तथा हिमवान् के स्वप्न तथा भगवान शिवसे मंगल ग्रह की उत्पत्ति का प्रसंग.......
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(६) पार्वतीखन्ड अध्याय (६).mp3
पार्वती का नामकरण और विद्याध्ययन, नारदका हिमवान् के वहां जाना, पार्वती का हाथ देखक भावी फल बताना,........
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(५) पार्वतीखन्ड अध्याय (५).mp3
देवी उमाका हिमवान् के हृदय तथा मेनाके गर्भमें आना, गर्भास्था देवीका देवताओं द्वारा स्तवन, उनका दिव्य रूपमें प्रादुर्भाव वगैरा प्रसंग देखेंगे..........
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(४) पार्वतीखन्ड अध्याय (४).mp3
मेनाको प्रत्यक्ष दर्शन देकर शिवादेवीका उन्हें अभीष्ट वरदानसे संतुष्ट करना तथा मेनासे मैनाकका जन्म.......
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(३) पार्वतीखंड अध्याय (३).mp3
उमा देवी का दिव्य रूप से देवताओं को दर्शन देना, देवताओका उनसे अपना अभिप्राय निवेदन करना वगैरा प्रसंग देखेंगे ।
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