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Let's Enlighten! अलौकिक बोध
by Let's Enlighten! अलौकिक बोध
भगवान के ही द्वारा प्रद्दत की गयी सभी अलौकिक विभूतियों का अवलम्बन ले कर उन्ही के गुणों का श्रवण एवं मंगल ध्यान करें, कुछ अनुभूति मिल कर करें, इसी कामना से आप सभी का "अलौकिक बोध" चैनल में स्वागत है ।A channel committed to Enlighten "Self" enjoying Bliss of both Inner and Outer worlds. Will develop and bring the wisdom and benefits of eternal truth of Sanatan Dharam and Indian Values. Let’s Enlighten! Key Words: . अलौकिक, विभूति, भगवान, ज्ञान, बोध, सनातन, Enlighten , unique knowledge, , divine truth, wisdom, literature, scriptures , Sanatan Dharam and Indian Values
Episodes
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Ramcharit Manas -Mahirshi Valmiki and Shri Ram Samwad
In this divine episode Sant Maithilisharanji explains 9th place where Shri Ram can reside.
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: विचित्र काक
आइए आज इस एपिसोड में यह जान कर आनंदित हो जाइए के कैसे भगवान के बालस्वरूप के दर्शन हेतु अनादि काकभुशुंडी जी ५ साल तक अयोध्या जी में पहुँच कर ठाकुर की बाल-लीला का दर्शन करते है ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ayodhya, Raja Dashrath, Shri Ram Janam, Shashti Poojan, Bharat, Lakshman,...
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: अद्भुत ज्योतिषी
आइए आज इस एपिसोड में यह जान कर आनंदित हो जाइए के कैसे भोले बाबा ने भगवान के बालस्वरूप के दर्शन हेतु अपना स्वरूप बनाया एवं कैसे अनादि काकभुशुंडी जी उनके छोटे से शिष्य बन कर उनका साथ दे रहे है ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ayodhya, Raja Dashrath, Shri Ram Janam, Shashti Poojan,...
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: सहज स्वभाव
आज इस एपिसोड में यह जान कर आनंदित हो जायेगे के कैसे सभी भाइयों का स्वभाव अपने बड़े भाई के प्रति बाल्यकाल से ही कितना समर्पित था एवं भगवान राम कैसे उनके सबके बिना सोना भी नही चाहते थे ! कैसे अपने बड़ों का आदर इतनी बाल्यावस्था से ही करते थे ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ayodhya…
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: माता चकित
बड़े आनंद से ये सुन्दर बाललीला प्रभु की सुनिए के कैसे उन्होंने माता कौशल्या को अपने विराट स्वरूप का दर्शन करवाया ! लीजिए आज सुनिए हमारे प्रभु को क्या क्या भोजन में पसंद है एवं हमारे प्रभु जी ने अपनी रुचि बाल्यकाल से किंन वस्तुऑे में बताई ! और ये भी जान कर आनंदित होइए के अन्य सभी कुमार क्या अपने…
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: अन्न-प्राशन
लीजिए आज सुनिए हमारे प्रभु को क्या क्या भोजन में पसंद है एवं हमारे प्रभु जी ने अपनी रुचि बाल्यकाल से किंन वस्तुऑे में बताई ! और ये भी जान कर आनंदित होइए के अन्य सभी कुमार क्या अपने भैया से कुछ अलग थे ? Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ayodhya, Raja Dashrath, Shri Ram Janam, Shashti...
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: नामकरण
आज के इस एपिसोड में आप को सुन कर हर्ष होगा के कैसे अयोध्या जी में किस मुहूर्त में कैसे गुरु वशिष्ट जी ने चारों राजकुमारों का नामकरण किया ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ayodhya, Raja Dashrath, Shri Ram Janam, Shashti Poojan, Bharat, Lakshman, Shatrughan राम चरित, सुदर्शन सिंह…
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: षष्टि पूजन
इस एपिसोड को श्रवण कर आप अति आनंदित होगें के भगवान श्री राम एवं अनुज श्री भरत कुमार, श्री लक्षमन कुमार एवं कुमार शत्रुघ्न की छट पूजन की रात में कौन कौन सी देवियाँ स्वयं प्रगट हो गई थी ! कितना दिव्य दिन था वो धरती पर ! ऐसा वर्णन शायद ही कभी आपने कहीं सुना होगा ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan...
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: भरतादिका जन्म
आज के इस एपिसोड के श्रवण माध्यम से आप ये जान कर अति आनंदित होगें के भगवान श्री राम के अनुज श्री भरत कुमार, श्री लक्षमन कुमार एवं कुमार शत्रुघ्न के आने से कैसे कैसे अवध में उसी प्रकार के सगुन हुए जो उनके बड़े भैय्या के आगमन के कुछ ही समय पूर्व हुए थे एवं कैसे अवध एवं दशरथ जी के भंडारे खुले ओर भर भी...
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: मर्यादा पुरुषोत्तम का प्रादुर्वभाव
इस एपिसोड के श्रवण - माध्यम से आप आनंदित होगें भगवान श्री राम के प्रगाट्य की भव्य लीला से, जिसमे विस्तृत रूप में जानेगे के अयोध्या में भगवान के शुभागमन के कारण कैसे कैसे दिव्य सगुन होने लगे ! कैसे महारानी कौशल्या को साक्षात्कार श्री नारायण का हुआ ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra,...
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: पुत्रेष्टी यज्ञ
इस एपिसोड के माध्यम से आप ये विस्तृत रूप में जानेगे के अयोध्या में राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति हेतु कौन कौन से अनुष्ठान किए एवं कैसे उनके सभी यज्ञ सफल हुए ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ravan, Ayodhya, Shantha, Raja Dashrath, Putraprapti Yagya, राम चरित, सुदर्शन सिंह चक्र, रावण,...
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: परम पुरुष
इस एपिसोड के माध्यम से आप ये विस्तृत रूप में जानेगे के कैसे भगवान धरती पर जनम लेते है एवं कैसे भगवान श्री राम का अवतार हुआ ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ravan, Ayodhya, Shantha, Raja Dashrath, Param Purush राम चरित, सुदर्शन सिंह चक्र, रावण, अयोध्या, शांता, राजा दशरथ, परम पुरुष
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: दशरथ कन्या शांता
इस एपिसोड के माध्यम से आप ये विस्तृत रूप में जानेगे के कैसे भगवान श्री राम को अपनी बहन मिली ! आनंद लीजिए ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ravan, Ayodhya, Shantha, Raja Dashrath राम चरित, सुदर्शन सिंह चक्र, रावण, अयोध्या, शांता, राजा दशरथ
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: भू-भार के उपचार का यत्न
इस एपिसोड के माध्यम से आप ये विस्तृत रूप में जानेगे के कैसे भगवान श्री राम के जनम के कारण बने एवं भगवान ने सबके आनंद हेतु लीलाएँ की ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Bhudevi, Asur, Sur राम चरित, सुदर्शन सिंह चक्र, रावण, भू देवी, असुर, सुर
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: जटायु मैत्री
इस एपिसोड के माध्यम से आप ये विस्तृत रूप में जानेगे के कैसे जटायु जी ने महाराज दशरथ के प्राणों की रक्षा की थी एवं उनका कैसे एक रिश्ता बन गया ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ravan, Ayodhya, Jatayu राम चरित, सुदर्शन सिंह चक्र, रावण, अयोध्या, सुमित्रा, कैकेयी, जटायु
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: अंध तापस-शाप
, इस एपिसोड में आप यह श्रवण कर पायेगे के कैसे महाराज दशरथ जी को अंध श्रवण कुमार के माता पिता का श्राप लगा एक नियति वश हो कर ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ravan, Ayodhya, Shravan Kumar राम चरित, सुदर्शन सिंह चक्र, रावण, अयोध्या, सुमित्रा, कैकेयी, श्रवण कुमार
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: सुमित्रा और कैकेयी से विवाह
इस एपिसोड में आप जानेगे कि कैसे महाराज दशरथ जी का विवाह माता सुमित्रा एवम कैकेयी जी से सम्पन्न हुआ ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ravan, Ayodhya, Sumitra, Kaikayi राम चरित, सुदर्शन सिंह चक्र, रावण, अयोध्या, सुमित्रा, कैकेयी
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: अयोध्या के विरुद्ध रावण का व्यूह
इस एपिसोड में आपने जो अभी तक नही सुना होगा, वह ज्ञान लीजिए के कैसे-कैसे रावण ने अयोध्या जी के विरुद्ध अपनी चाल चली एवं कितने प्रयास किए के कैसे व्यूह बनाया जाए लेकिन क्या एक भी उसमे सफल हो पाए ? Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ravan, Ayodhya राम चरित, सुदर्शन सिंह चक्र, रावण, अयोध्या,
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: दशरथ जी के विवाह में रावण द्वारा बाधा
इस एपिसोड में आपने जो अभी तक नही सुना होगा, वह ज्ञान लीजिए के कैसे दशरथ जी के विवाह में रावण ने बाधा डालने का पूरा प्रयास किया लेकिन फिर भी असफल रहा ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ravan, Ayodhya, Dashrath राम चरित, सुदर्शन सिंह चक्र, रावण, अयोध्या, दशरथ
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: रावण की अयोध्या से शत्रुता
इस एपिसोड में आपने जो अभी तक नही सुना होगा वह ज्ञान लीजिए जिसमें रावण की शत्रुता कब एवं कैसे अयोध्या जी से हुई, बताया गया है ! Key Words: Ram Charit, Sudarshan Singh Chakra, Ravan, Ayodhya राम चरित, सुदर्शन सिंह चक्र, रावण, अयोध्या
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: महिर्षी वशिष्ट-ईश्वाकुवंश के कुलगुरु
महिर्षी वशिष्ट भगवान श्री राम के कुलगुरु कैसे बने एवं उनका क्या योगदान इस कुल की सेवा में लगा, जानिए इस एपिसोड में ! Key Words: Shri Ram Charit, Shri Ram, Kulguru, Vashisht श्री राम चरित, श्री राम, अवतार, गुरु वशिष्ट
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श्री रामचरितपूर्व खंड: अध्याय: सूर्यवंश
इस एपिसोड में हम ये जान के क्रथार्थ होंगे के कैसे कैसे अधभुत पूर्वज अवतार भगवान राम के सूर्यवंश में हुए ! Key Words: Ram Charit Manas, Sudarshan Singh Chakra, Suryavansh राम चरित मानस, सुदर्शन सिंह चक्र, सूर्यवंश
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: रावण
इस एपिसोड में रावण के चरित्र का विस्तृत वर्णन सुनेगे कि कैसे वो इतना बलवान था के उसी के अंत ले लिए भगवान को स्वयं जन्म अथवा अवतार लेना पड़ा ! Key Words: Ram Charit Manas, Sudershan Singh Chakra, Ravan राम चरित मानस, सुदर्शन सिंह चक्र, रावण
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श्री रामचरित-पूर्व खंड: अध्याय: लंका
इस एपिसोड में हम जानेगे कैसे चक्र जी ने रावण की नगर्री का अद्भुत वर्णन किया है कि कब व कैसे लंका का निर्माण हुआ एवं किसने किया ! Key Words: Ram Charit Manas, Sudershan Singh Chakra, Lanka राम चरित मानस, सुदर्शन सिंह चक्र, लंका
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श्री रामचरित-पूर्व खंड : अध्याय: अयोध्या
संत सुदर्शन सिंह "चक्र" जी द्वारा दिए गए इस अद्भुत ज्ञान के पठन में हम यह जानेगे के भगवान राम के धाम क्या है, उनका प्रादुर्भाव कैसे हुआ एवं उनका कितना महात्म है एवं क्यों है ! Key Words; Key Words; Dham, Bhagwan Ram, Ayodhya, Divya Nagari भगवान, राम, धाम , अयोध्या, दिव्य नगरी
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श्री रामचरित-पूर्व खंड : अध्याय: मंगलाचरण एवं साकेत धाम
इस एपिसोड में कथा के प्रारंभ मे की गई स्तुति है मंगलाचरण के रूप में एवं प्रथम अध्याय "साकेत" का प्रारंभ होता है ! Key Words: Shri Ram Charit, Saket Dham, श्री राम चरित, साकेत धाम, भगवान राम
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श्री राम चरित -पूर्व खंड - विषय: उपक्रम (भाग-2)
आज के इस पठन में चक्र जी ने भगवान के अवतार संबन्धित कारण एवं अवस्थाओं का वर्णन किया है ! भगवान के दिव्य धाम, लीला, रूप एवं नाम की महिमा का अद्भुत वर्णन को सुनने का सौभाग्य प्राप्त होगा ! Key Words: Shri Ram, Ayodhya, Ram Charit, Sudershan Singh Chakra, in Prose श्री राम, अयोध्या, सुदर्शन सिंह…
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संत सुदर्शन सिंह "चक्र" का परिचय एवं उनके द्वारा रचित "श्री राम-चरित - पूर्व खंड के पठन का शुभारंभ उनकी "अपनी बात" से
हमारे अतीव पुण्य संचित हो पाने के कारण ही हम सब को ये सौभाग्य प्राप्त हुआ है के इस पॉडकास्ट के माध्यम से हम एक महान संत के साहित्य का श्रवण एवं पठन कर पायेगे ! इस ज्ञान को हम सबमें बाटें जो हमें केवल भगवान का ही चिंतन, फल रूप में प्रदान करता है ! Key Words: Sudarshan Singh Chakra, Shri Ram…
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित शिक्षायें-१६ (40/40)
प्रस्तुत दोहों में (५४५-५७२) गोस्वामीजी ने श्री राम के गुणों की महिमा,और अधिकतर कलियुग का वर्णन किया है! In these lines Goswamij described mostly importance of Shri Ram’s character, enlighters of world and have focused on Kaliyug’s impact. Key Words: मंगल, कलियुग, Kaliug, Mangal
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित शिक्षायें-१५ (39/40)
प्रस्तुत दोहों में (५२८-५४४) गोस्वामीजी ने जीवन की सफलता का रहस्य और त्रिभुवन के दीप कौन, कीर्ति किसकी, कपटी कौन इत्यादी विषयों पर विचार व्यक्त किए है ! In these lines Goswamiji has talked about various subjects like who is worth to know, to stay away and who enlightens this world. Key Words…
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-१४ (38/40)
प्रस्तुत दोहों में (४९६-५२७) गोस्वामीजी ने ऐश्वर्य प्राप्ति के पश्चात की दशा से ले कर राजनीति संबंधित ज्ञान, जैसे अचल राज्य के चिन्हों का वर्णन किया है ! In these dohe, Tulsidasji described the state of mind of after fame and also stated the qualities of a great and established kingdom. Key…
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-१३ (37/40)
प्रस्तुत दोहों में (४६४-४९५) गोस्वामीजी ने विभिन्न विषयों पर अपने भाव व्यक्त किए है जैसे नियम से प्रेम बढ़ा है, कौन निरादर पाते है, शोचनीय कौन है, और मूर्ख कौन है इत्यादि! In these lines Goswamiji described various factors involving wisdom, Prem and definition of those who are considered to be a...
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-१२ (36/40)
प्रस्तुत दोहों में (४३९-४६३) गोस्वामीजी ने बेहद सुन्दर विषय जैसे समय का महत्व, विवेक की प्रधानता, नक्षत्रों के प्रभाव को कई रूप से दर्शाया है ! कई मंगलकारी वस्तुओं को भी निर्देशित किया है ! In these dohe, Goswamiji has shown the various effects of planetary positions, using his astrological and...
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-११ (35/40)
प्रस्तुत दोहों में (४०८-४३८) गोस्वामीजी ने कपट, अविवेक, क्षमा का प्रभाव, एवं भगवान सभी के रक्षक है, इन विषयों की चर्चा की है ! In these lines Goswamiji narrates the subjects of Vivek, importance of forgiveness and how God is the ultimate protector of us. Key Words: भगवान, रक्षक, विवेक, क्षमा…
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-१० (34/40)
प्रस्तुत दोहों में (३७६-४०७) गोस्वामीजी ने छल-कपट, मिथ्या अभिमान, नीच और दुष्टों के स्वभाव, का वर्णन किया है ! In these verses, Goswamij explains how cheating, pride and qualities of meanness are useless to possess in human lives. Key Words: छल-कपट, दुष्ट, अभिमान, नीच, Chal-Kapat, Dusht, Abhiman...
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-९ (33/40)
प्रस्तुत दोहों में (३५२-३७५) गोस्वामीजी ने बैर और प्रीति, भाग्यवान कौन है,संग और विवेक, दुर्जन और सज्जन की महिमा एवं स्वभाव इत्यादि का वर्णन किया है ! In these lines Goswamij narrated the various subjects like differences between good and bad natured folks, blessed souls and various subjects. Key...
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-८ (32/40)
प्रस्तुत दोहों में (३२७-३५१ ) गोस्वामीजी ने दानी और याचक के स्वभाव का वर्णन, स्वभाव की प्रधानता का वर्णन और सत्संग का प्रभाव दर्शाया है ! In these two line lyrics, Goswamiji has described qualities of a giver and receiver and also the importance of nature of humans and influence of satsang on it....
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-७ (31/40)
प्रस्तुत दोहों में (३१३-३२६) गोस्वामीजी ने कई एकांगी प्रेम के उदाहरण दिए है एवं अनन्यता की महिमा का भी वर्णन किया है ! In these dohe, Tulsidasji identified qualities of dedicated and pure love. Key Words: कमल, मृग, सर्प, मछली, मयूर, Kamal, Mrig, Sarp, Machli, Mayur
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-६ (30/40)
प्रस्तुत दोहों में (२७७-३१२ ) गोस्वामीजी ने चातक पंछी के अधभूत प्रेम की चर्चा की है जो मात्र स्वाती बूंद ही ग्रहण करता है! In these lines Goswamiji speaks so highly of the Chatak bird, who sacrifices everything in love without any expectations in return. Key Words: चातक, पपीहा, भरोसों,...
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-५ (29/40)
प्रस्तुत दोहों में (२५६-२७६ ) गोस्वामीजी ने मानव के जीवन के बाधक तत्वों की चर्चा की है और शांति की प्राप्ति के साधन बताए है ! In these dohe, Goswamiji identities those factors that takes bhakti away from human life. Key Words: संतोष, काम, क्रोध, शांति, काल , Santosh, Kaam, Krodh, Shanti, Kaal
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें- ४ (28/40)
प्रस्तुत दोहों में(२२८-२५५) गोस्वामीजी ने भगवान शिव, हनुमान जी, एवं काशी की महिमा का वर्णन किया है, और भी कई विविध विषयों की चर्चा की है भक्ति के संबंध में ! In these dohe, Goswamiji talks about importance of various characters in Ram Lila and also address various subjects of Bhakti. Key Words:...
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें- ३ (27/40)
प्रस्तुत दोहों में (२०२ -२२७) गोस्वामीजी ने भगवान राम के प्रति उनके परिकरों के अतुलनिय प्रेम को दर्शाया है ! In these dohe Goswamiji describes as how the love of Shri Bharatj, Laxmanji and Sitaji is unmatched in universe for Shri Ram. Including others abiding love towards Shri Ram is mentioned...
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम की शरणागतवत्सलता (25/40)
इन दोहों में (#१५६-१७६) तुलसीदास जी ने भगवान की शरण में जाने की विशेष महिमा का वर्णन किया है की मानव की सभी मनोकामना एवं उत्तम गति की पूर्णता का यह एकमात्र साधन है ! In these dohe, Goswamiji shows the importance of taking refuge in Shri Ram’s lotus feet which will fulfill all worldly desires as...
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें- २ (26/40)
इन दोहों में (#१७७-२०१) तुलसीदास जी ने मात्र कुछ ही दोहों में की भगवान राम संबंधी मार्मिक विषयों की चर्चा की है ! In these selected verses Goswamiji has touched quite a few topics which all emphasize to have Rambhakti to be an essential element of our lives. Key Words: राम, लखन, सिया, कृपा…
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम चरित/नीति शिक्षायें-१ (24/40)
इन दोहों में (#१४१-१५५) तुलसीदास जी ने मात्र कुछ ही दोहों में की मार्मिक विषयों की चर्चा की है ! In these selected verses Goswamiji has touched quite a few topics in few lines which we will listen individually. Key Words: सेवक, हनुमान, महिमा, संकट, कल्याण, सुगम, Sevak, Hanuman, Mahima, Sankat,...
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: भजन की महिमा (23/40)
इन दोहों में (#१२५-१४०) तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम के भजन की मानव जीवन में आवशयकता के महत्व का विस्तृत वर्णन किया है के जीवन में उसके बिना मात्र अशान्ति ही है ! In these lines Goswamiji explains as how doing bhajan of Shri Ram can relive human beings from suffering in their lives. Key Words:...
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गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: भगवान की बाल-लीला (22/40)
इन दोहों में (#११७-१२४)) तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम के प्रागटय के अद्भुत आनंद को दर्शाया है ! In these lines of Dohawali, Goswamiji details the pleasure of everyone upon his decent on earth as Prabhu Shri Ram or his Avatar. Key Words: अवतार, आनंद, लीला, Avatar, Anand, Leela
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: भगवान राम की कृपा की महिमा-२ (21/40)
इन दोहों में (# १११ -११६) तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम की कृपा की महिमा का गान किया है ! In these lines Goswamiji gives importance to Bhagwan Shri Ram’s grace or Kripa. Key Words: सच्चिदानंद, शुद्ध, मायातीत, Sacchidanand, Shuddh, Mayateet,
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: भगवान राम की कृपा की महिमा-१ (20/40)
इन दोहों में (# १०५-११०) तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम की कृपा की महिमा का गान किया है ! In these lines Goswamiji gives importance to Bhagwan Shri Ram’s grace or Kripa. कल्याण, मोर, गरीबनवाज़, Kalyan, Mor, Garibnawaz,
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दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: भगवान शिव और राम की एकरूपता (19/40)
इन दोहों में (#१०१-१०४) तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम एवं भगवान श्री शंकर की उपासना के बारे में कहा है के कैसे दोनों एक ही है ! भगवान राम के प्रेम की भी जगत में उच्चता सर्वोतम बताई है ! In these lines Tulsidas ji warns that a devotee should never think Shri Ram or Bhagwan Shankar are different.…
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