Episodes
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अंक 9 : सामुदायिक रेडियो की दीवानगी
पॉडभारती के नवें अंक में आप सुन सकते हैं - भारत में सामुदायिक यानि कम्यूनिटी रेडियो व कैंपस रेडियो परिदृश्य पर एक रपट, - लोकप्रिय पॉडकास्टर उन्मुक्त का एमपी-3 की बजाय ओग फार्मेट से लगाव के कारणों का खुलासा और, - उभरते गायक और भाईबहन की जोड़ी “खुशी और नौज़ाद” के एल्बम “अमेरिका में इंडिया” से एक...
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अंक 8 : भ्रष्टाचार विरोध का इंटरनेट एक्सटेंशन
श्रोता मित्रों, पॉडभारती का आठवाँ एपीसोड अब पॉडभारती डॉट कॉम पर आपके लिये उपलब्ध है। अंक का संचालन किया है देबाशीष चक्रवर्ती ने। पॉडभारती के इस अंक में आप सुन सकते हैं: • भ्रष्टाचार के खिलाफ जिहाद लड़ रहे कर्नाटक के एक वरिष्ठ आई.ए.एस अधिकारी विजयकुमार की पत्नी श्रीमती जयश्री के अदम्य साहस की कथा,...
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अंक 7 : ब्लैक पैम्फलैट्सः लीक से हटकर
पॉडभारती के सातवें अंक में आप सुन सकते हैं: * नये स्तंभ “लीक से हटकर” में जानिये जीटॉक के स्टेटस संदेशों के अभिनव प्रयोग के बारे में * दिल्ली के कैम्पस में चुनावी माहौल का सटीक चित्रांकन करती एक युवा फिल्म निर्माता नितिन के प्रयास “ब्लैक पैम्पलेट्स” की कथा और * संगीतकार मदन मोहन की रचना प्रक्रिया...
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अंक 6 : भारत, आलवेज़ टर्न्ड आन
पॉडभारती के सभी श्रोताओं को हमारी ओर से स्वाधीनता दिवस की हार्दिक बधाई। हम प्रस्तुत हैं पॉडभारती के छठवें अंक के साथ, जिसमें आप सुन सकते हैं •इंटरनेट का प्रादुर्भाव बढ़ रहा है, वेब 2.0 के साथ ही रिच क्लाएंट की बातें होती हैं और ज़ाहिर है कई कंपनियाँ मानती हैं कि अब आपका ब्राउज़र ही आपका पीसी है।…
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अंक 5 : थम न जाये जलधारा
पॉडभारती के पांचवें पड़ाव शामिल है: -जलसंकट पर दैनिक भास्कर समूह में संपादक विकास मिश्र की संक्षिप्त वार्ता -जल संरक्षण के मुद्दे पर दो खूबसूरत गीत, मशहूर ग़जल गायक भुपिंदर सिंह और रघुनाथ सरन की आवाज़ में -किरण बेदी के साथ हुये अन्याय के बहाने नारी अधिकारों की बात कर रही हैं मुम्बई से वरिष्ठ पत्रकार...
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अंक 4 : अंशुल ने मचाया गदर
श्रोताओं की शिकायत रही है कि पॉडभारती का रवैया गीत-संगीत और सिनेमा के प्रति बेरूखी का रहा है। हमें पूरा यकीन है कि पॉडभारती के इस अंक में यह शिकायत दूर हो जायेगी। हमारे चतुर्थ अंक में आप सुन सकते है: •भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म गदर का अनूठा पॉडिकरण •सिलिकन वैली में रहने...
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अंक 3 : मायावती पर फ्रेश रिलायंस
पॉडभारती के पॉडज़ीन स्वरूप में इज़ाफा करते हुये हम इसके तृतीय अंक में सामयिक घटनाओं के विश्लेषण शामिल कर रहे हैं। हमारे तृतीय अंक में आप सुन सकते हैं, 1. पॉडभारती के विगत अंकों पर श्रोताओं की राय का अवलोकन व हमारी प्रतिक्रिया, 2. 13 मई 2007 को राँची में रिलायंस फ्रेश सुपरमार्केट पर पथराव की घटना…
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अंक 2 : मातृत्व दिवस विशेष
हमारे समाज में मां को एक देवी का दर्जा मिला हुआ है और इसी की बदौलत मातृत्व को संसार का सबसे बड़ा सुख माना जाता है। मगर दु:ख कि बात यह है कि हर मां इतनी खुशकिस्मत नहीं। इस दुनिया में कुछ मांएं ऐसी भी हैं जिन्हें न तो देवी माना जाता है और न ही उनका मातृत्व सुख का कारण है। जी हां, हम उन्हीं औरतों की...
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अंक 1 : मुहल्ला ट्राँसलिट्रेशन वाला
प्रस्तुत है पॉडपत्रिका पॉडभारती का पहला अंक। कार्यक्रम का संचालन किया है देबाशीष चक्रवर्ती ने और परिकल्पना है देबाशीष और शशि सिंह की। अप्रेल 2007 के इस प्रथम अंक में आप सुनेंगे: • हिन्दी चिट्ठाकारी ने अप्रेल 2007 में चार साल पूरे किये हैं। ये फासला कोई खास तो नहीं पर कई लोग इसी बिना पर पितृपुरुष…
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