PODCAST · arts
Shoe Dog In Hindi
by Narendra Negi
यह ख़ूबसूरत, चौंका देने वाली पुस्तक सरल, मज़ेदार, रहस्यमय और साहित्यिक भी है।’ आंद्रे अगासी बिज़नेस स्कूल उत्तीर्ण करने के बाद फ़िल नाइट ने अपने पिता से पचास डॉलर उधार लिए और एक साधारण उद्देश्य के साथ एक कंपनी की शुरुआत की : जापान से उच्च गुणवत्ता वाले, कम कीमत के रनिंग शूज़ आयात किये। नाइट ने अपने व्यापार के पहले वर्ष यानी 1963 में जूते बेचकर 8000 डॉलर कमाए। आज नाइकी की वार्षिक बिक्री 30 बिलियन डॉलर से अधिक है और उसकी पहचान उसके चिन्ह (लोगो) से कहीं बढ़कर है। लेकिन इस महान उपलब्धि से हटकर नाइट हमेशा एक रहस्य बने रहे। अब वे अपने जीवन की कहानी बता रहे हैं जो हैरतअंगेज़, विनम्रतापूर्ण, स्पष्ट, मज़ेदार और ख़ूबसूरत ढंग से गढ़ी गई है। वे उन बुनियादी रिश्तों की यादें ताज़ा कर रहे हैं जिनसे नाइकी के दिल और आत्मा का निर्माण हुआ, और कैसे सबके साथ मिलकर उन्होंने एक ब्रांड बनाया जिसने कई महत्त्वपूर्ण बदलावों को अंजाम दिया। ‘इस प्रेरक पुस्तक को हर कोई पढ़ रहा है।’ रोहन सिल्वा, ईवनिंग स्टैन्डर्ड
-
1
Shoe dog Hindi audio book
यह ख़ूबसूरत, चौंका देने वाली पुस्तक सरल, मज़ेदार, रहस्यमय और साहित्यिक भी है।’ आंद्रे अगासी बिज़नेस स्कूल उत्तीर्ण करने के बाद फ़िल नाइट ने अपने पिता से पचास डॉलर उधार लिए और एक साधारण उद्देश्य के साथ एक कंपनी की शुरुआत की : जापान से उच्च गुणवत्ता वाले, कम कीमत के रनिंग शूज़ आयात किये। नाइट ने अपने व्यापार के पहले वर्ष यानी 1963 में जूते बेचकर 8000 डॉलर कमाए। आज नाइकी की वार्षिक बिक्री 30 बिलियन डॉलर से अधिक है और उसकी पहचान उसके चिन्ह (लोगो) से कहीं बढ़कर है। लेकिन इस महान उपलब्धि से हटकर नाइट हमेशा एक रहस्य बने रहे। अब वे अपने जीवन की कहानी बता रहे हैं जो हैरतअंगेज़, विनम्रतापूर्ण, स्पष्ट, मज़ेदार और ख़ूबसूरत ढंग से गढ़ी गई है। वे उन बुनियादी रिश्तों की यादें ताज़ा कर रहे हैं जिनसे नाइकी के दिल और आत्मा का निर्माण हुआ, और कैसे सबके साथ मिलकर उन्होंने एक ब्रांड बनाया जिसने कई महत्त्वपूर्ण बदलावों को अंजाम दिया। ‘इस प्रेरक पुस्तक को हर कोई पढ़ रहा है।’ रोहन सिल्वा, ईवनिंग स्टैन्डर्ड
We're indexing this podcast's transcripts for the first time — this can take a minute or two. We'll show results as soon as they're ready.
No matches for "" in this podcast's transcripts.
No topics indexed yet for this podcast.
Loading reviews...
ABOUT THIS SHOW
यह ख़ूबसूरत, चौंका देने वाली पुस्तक सरल, मज़ेदार, रहस्यमय और साहित्यिक भी है।’ आंद्रे अगासी बिज़नेस स्कूल उत्तीर्ण करने के बाद फ़िल नाइट ने अपने पिता से पचास डॉलर उधार लिए और एक साधारण उद्देश्य के साथ एक कंपनी की शुरुआत की : जापान से उच्च गुणवत्ता वाले, कम कीमत के रनिंग शूज़ आयात किये। नाइट ने अपने व्यापार के पहले वर्ष यानी 1963 में जूते बेचकर 8000 डॉलर कमाए। आज नाइकी की वार्षिक बिक्री 30 बिलियन डॉलर से अधिक है और उसकी पहचान उसके चिन्ह (लोगो) से कहीं बढ़कर है। लेकिन इस महान उपलब्धि से हटकर नाइट हमेशा एक रहस्य बने रहे। अब वे अपने जीवन की कहानी बता रहे हैं जो हैरतअंगेज़, विनम्रतापूर्ण, स्पष्ट, मज़ेदार और ख़ूबसूरत ढंग से गढ़ी गई है। वे उन बुनियादी रिश्तों की यादें ताज़ा कर रहे हैं जिनसे नाइकी के दिल और आत्मा का निर्माण हुआ, और कैसे सबके साथ मिलकर उन्होंने एक ब्रांड बनाया जिसने कई महत्त्वपूर्ण बदलावों को अंजाम दिया। ‘इस प्रेरक पुस्तक को हर कोई पढ़ रहा है।’ रोहन सिल्वा, ईवनिंग स्टैन्डर्ड
HOSTED BY
Narendra Negi
Loading similar podcasts...