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Vicharkranti Hindi cover art

All Episodes

Vicharkranti Hindi — 225 episodes · page 2 of 3

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Title
101

069.Bahumulya Vartaman Ka Sadupyog Keejiye

102

068.Apne Ko Aaveshon Se Bachaiye

103

065 Aatmnirman Sabse Bada Punya Parmarth

104

064 Vartman Paristhitiyan Hamne Swayam Utpann Ki Hain

105

060 Karm Ki Swatantrata

106

058 Jeene Yogya Jeevan Jiyo

107

056 Josh Ke Sath Hosh

108

054 Man Se Bhay Ki bhavnayen Nikal Phenkiye

109

053 Hamari Duniyan Vaisi Jaisa Hamara Man

110

051 Satyata Me Akoot Bal Bhara Hua Hai

111

050 Jeevan Ko Tapsyamay Banaiye

112

048 Shekhi Mat Bagharo

113

041 Jindagi Me Aanand Ka Nirman Karo

114

040 Rone Se Kam Nahi Chalega

115

039 Mrityu Ka Bhay Door Kar Dijiye

116

037 Gyanyog Ki Ek Sulabh Sadhna

117

026 Badlon Ki Tarah Baraste Raho

118

सच्चा कर्तव्य_AJ_Jan_2022.m4a

119

021 Satya Swaroop Aatma

120

001 Utho Himmat Karo

121

Akhand jyoti.. Suvichar. Audio

122

Mrityu ka bhay door kr dijiye..

123

Dharm ka saar..

124

Jindgi me aanand ka nirman kro..

125

Gyan yog ki ek sulabh sadhna..

126

Satya swaroop Aatma..

127

Utho himmat kro..

128

Bhagya ka nirman apne hath me hai..

129

विनम्रता

130

महानता

131

आत्म परिष्कार

132

ईश्वर प्राप्ति

133

वृक्षारोपण हमारा पुनीत कर्तव्य

134

अकारण विरोध एवं विद्वेष से निपटने का राजमार्ग

135

सच्चा कर्तव्य

136

व्यक्तित्व से जुड़े सफलता के तार

137

उदारता

138

उपयोगिता

139

परोपकार

140

विश्वास

141

श्रम एवं जयते

142

झगड़े का फल

143

संवेदनशीलता

144

ज्ञान का महत्व

145

विपत्ति की आशंका से घबराइए नहीं

146

विचारों की तन्मयता

147

परिश्रम के साथ विश्राम भी है जरूरी

148

बोलने से पहले सोचें

149

आदर्श नेतृत्व और टीम भावना

150

अपने स्वास्थ्य का भी रखें ध्यान

151

समय का महत्व जानें

152

बनें पहले अच्छा इंसान

153

आदर्श वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई

154

दिखावे की भक्ति

155

त्याग का महत्व

156

पंचतंत्र की कहानियां

157

सबसे बड़ा कौन

158

श्रेष्ठ पुरुष

159

कर्मों का परिणाम

160

Kahani - अर्जुन का भरोसा

161

व्रतशील जीवन की गरिमा

162

जीवन का अर्थ

163

विपत्तियों को कैसे जीता जाए

164

ईश्वर अपने बताए नियमों मर्यादाओं में बंधा है

165

परिवर्तन में प्रगति और जीवन

166

यथार्थवादी बनें संकल्प बल प्रखर करें

167

विभूति रहित संपदा निरर्थक है

168

निरंकुश बुद्धिवाद हमारा सर्वनाश करके ही छोड़ेगा

169

यथार्थता को समझें आग्रह न थोपें

170

विधेयात्मक चिंतन से मानसिक संतुलन ठीक रखें

171

जीवन ईश्वर का स्वरूप एवं वरदान है

172

आनंद अपनी ही मुट्ठी में भरा पड़ा है

173

भीतर का खोखलापन और सड़ी जड़ें

174

देने वाला घाटे में नहीं रहता

175

संकल्प और आत्म बल एक ही तथ्य के दो पक्ष हैं

176

दुष्कर्मों का फल भोगना पड़ता है

177

समय का औषध रूप

178

देवता कौन है

179

ईर्ष्या रूपी विष से बचना चाहें तो ऐसे बचें

180

जीवन संग्राम में पुरुषार्थ की आवश्यकता

181

बाहरी संपदा आंतरिक समृद्धि की छाया मात्र है

182

सच्चा मानोचित पुरुषार्थ

183

मनुष्य परमात्मा का प्रखर प्रतिनिधि

184

विवेक युक्त दूरदर्शी बुद्धिमत्ता ही श्रेष्यकर है

185

आदर्शवादी महत्वाकांक्षाओं के फलितार्थ

186

अध्यात्म का लक्ष्य मात्र आत्म कल्याण

187

न तो हिम्मत हारें, ना ही हार स्वीकार करें

188

समर्थ का आश्रय लें

189

सुखी जीवन का आधार भावनात्मक संतुलन

190

सौभाग्य भरे क्षणों को तिरष्कृत ना करें

191

टीमवर्क की महत्ता

192

विरासत में बच्चों के लिए धन न छोड़ें

193

परदोष दर्शन की कुत्सा त्यागें

194

अंतःकरण की आवाज सुनो और उसका अनुकरण करो

195

दृढ़ इच्छा शक्ति के चमत्कार

196

कठिनाई का सामना करने को तैयार रहो

197

अकेले चलना पड़ेगा

198

आत्म निरीक्षण और उसकी महत्ता

199

मन से भय की भावनाऐं निकाल फेकिये

200

समाज का ऋण चुकाइए