EPISODE · Feb 3, 2024 · 1 MIN
Band Kamre Mein | Prabha Khaitan
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
बन्द कमरे में | प्रभा खेतान बन्द कमरे मेंमेरी सब चीज़ें अपना परिचय खोने लगती हैंदीवारों के रंग धूमिलनीले पर्दे फीकेछत पर घूमता पंखागतिहीन।तब मैं निकल पड़ती हूँ—बाहर,फुटपाथ पर मूँगफली बेचनेवालापरिचय की मुस्कान देता हैऔर सामने पानवाले की दुकान परघरवाली का हाल पूछनाकहीं अधिक अपना लगता है।चौराहों परभीड़ के साथ रास्ता पार करनामुझे अकेला नहीं करता।बहुत से लोग हैंइस महानगर में, जो मेरी ही तरहअपने को बाँटते हैंरेस्तराँ और दुकानों मेंसिनेमाघर की लम्बी क़तारों मेंया कभीपार्कों में पड़ी खाली बेंचों परऊबकरया फिर बन्दरों का नाच देखलौट जाते हैं—सब मेरी ही तरहबन्द कमरों केअपने अकेले निर्वासन में…
NOW PLAYING
Band Kamre Mein | Prabha Khaitan
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
May 13, 2026 ·13m
May 11, 2026 ·20m
May 6, 2026 ·18m
May 4, 2026 ·15m
May 1, 2026 ·16m