EPISODE · Apr 9, 2024 · 1 MIN
Din Dooba | Ramdarash Mishra
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
दिन डूबा | रामदरश मिश्रा दिन डूबा अब घर जाएँगेकैसा आया समय कि साँझेहोने लगे बन्द दरवाज़े देर हुई तो घर वाले भीहमें देखकर डर जाएँगेआँखें आँखों से छिपती हैं नज़रों में छुरियाँ दिपती हैंहँसी देख कर हँसी सहमतीक्या सब गीत बिखर जाएँगे? गली-गली औ' कूचे-कूचे भटक रहा पर राह ने पूछेकाँप गया वह, किसने पूछा- “सुनिए आप किधर जाएँगे?"
NOW PLAYING
Din Dooba | Ramdarash Mishra
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
May 1, 2026 ·16m
Apr 29, 2026 ·46m
Apr 29, 2026 ·18m
Apr 28, 2026 ·49m