EPISODE · Sep 6, 2023 · 1 MIN
Parchun | Anamika
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
परचून | अनामिकापंसारी जहाँ भी लगा दे दस बोरियाँ–पटरी पर, गैराज में, खोली के अन्दर– रख ले दो-चार बोइयाम– आराम से वहीं सज जाती है खुदरा परचून की दुकान– बड़े-बड़े स्टोरों से सीधी आँखें लड़ाती! बकझक, कुछ मोलतोल, हालचाल या आपसदारी, ‘आज नकद, कल उधार’ की पट्टी के बावजूद कई महीनों की बेरोक वह देनदारी–इनके बिना बड़ी बेस्वाद है खरीदारी– नहीं जानती यह एफ.डी.आई.!
NOW PLAYING
Parchun | Anamika
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
May 1, 2026 ·16m
Apr 29, 2026 ·46m
Apr 29, 2026 ·18m
Apr 28, 2026 ·49m