EPISODE · Oct 3, 2023 · 2 MIN
Phagun | Anju Ranjan
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
फाल्गुन | अंजु रंजनएक अलस दुपहरी मेंउस दुपहरी को खोजती हूँकच्ची अमिया और सितुवाँ को पत्थर पर घिसती हूँमलमल के दुपट्टे से रिसते-पिघलते कच्चे चटपटे कचूमर को चखती हूँ कभी चटखारे लेकर आँखें मींचकर अमचूर चुराती हूँ उसी दुपहरी में पीले सरसों में छिपकरकच्चे, कोमल चने और मटर खाना चाहती हूँसरसराती हवाओं में पकते गुड़ कीभीली की मीठी सुगंध कोसाँस खींचकर ढूँढ़ती हूँ।बसंत तो आ गया पर वे सौगातें कहाँ! इस अलस दुपहर में उन चीनों को खोजती हूँउस टेसू भरे फागुन में रंगना चाहती हूँ।सौहार्द, ठहाके, गुलाल, भाँग, मालपुए,गुजिया और पकवान वाली होली में डूबी अपने देश को इस दुपहरी बहुत याद करती हूँ।
NOW PLAYING
Phagun | Anju Ranjan
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
May 1, 2026 ·16m
Apr 29, 2026 ·46m
Apr 29, 2026 ·18m
Apr 28, 2026 ·49m