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Pura Din | Gulzar

EPISODE · Dec 25, 2024 · 2 MIN

Pura Din | Gulzar

from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio

पूरा दिन | गुलज़ारमुझे खर्ची में पूरा एक दिन, हर रोज़ मिलता हैमगर हर रोज़ कोई छीन लेता है,झपट लेता है, अंटी सेकभी खीसे से गिर पड़ता है तो गिरने कीआहट भी नहीं होती,खरे दिन को भी खोटा समझ के भूल जाता हूँ मैंगिरेबान से पकड़ कर मांगने वाले भी मिलते हैं"तेरी गुज़री हुई पुश्तों का कर्जा है, तुझे किश्तें चुकानी है "ज़बरदस्ती कोई गिरवी रख लेता है, ये कह करअभी 2-4 लम्हें खर्च करने के लिए रख ले,बकाया उम्र के खाते में लिख देते हैं,जब होगा, हिसाब होगाबड़ी हसरत है पूरा एक दिन इक बार मैंअपने लिए रख लूं,तुम्हारे साथ पूरा एक दिनबस खर्चकरने की तमन्ना है !!

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Pura Din | Gulzar

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