EPISODE · Aug 10, 2024 · 1 MIN
Raat Kati Din Tara Tara | Shiv Kumar Batalvi
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
रात कटी गिन तारा तारा - शिव कुमार बटालवीअनुवाद: आकाश 'अर्श'रात कटी गिन तारा तारा हुआ है दिल का दर्द सहारा रात फुंका मिरा सीना ऐसा पार अर्श के गया शरारा आँखें हो गईं आँसू आँसू दिल का शीशा पारा-पारा अब तो मेरे दो ही साथी इक आह और इक आँसू खारा मैं बुझते दीपक का धुआँ हूँ कैसे करूँ तिरा रौशन द्वारा मरना चाहा मौत न आई मौत भी मुझ को दे गई लारा छोड़ न मेरी नब्ज़ मसीहा बाद में ग़म का कौन सहारा
NOW PLAYING
Raat Kati Din Tara Tara | Shiv Kumar Batalvi
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
May 13, 2026 ·13m
May 11, 2026 ·20m
May 6, 2026 ·18m
May 4, 2026 ·15m
May 1, 2026 ·16m