PODCAST · religion
प्रकाशितवाक्य की किताब पर टिप्पणी और उपदेश - क्या मसीह विरोधी, शहादत, रेप्चर और हजार साल के राज्य का समय नज़दीक है? ( I )
by The New Life Mission
९/११ के आतंकवादी हमले के बाद, www.raptureready.com, पर ट्राफिक बढ़ गया जो अन्त समय के बारे में जानकारी देता है, तक़रीबन ८० लाख लोगों ने वेबसाइट की मुलाक़ात ली थी, और CNN और TIME के साथ किए गए सर्वे के मुताबिक़, ५९% से ज्यादा अमरीका के लोग अब भविष्य की बातों पर विश्वास करते है।समय की मांग को प्रत्युत्तर देते हुए, लेखक प्रकाशितवाक्य की किताब के मुख्य विषय के बारे में स्पष्ट समझ देते है, जिसमे आनेवाले मसीह विरोधी, संतो की शहादत और उनके रेप्चर, हजार साल के राज्य, और नया स्वर्ग और नई पृथ्वी का समावेश होता है – यह सब पवित्रशास्त्र के तले और पवित्र आत्मा की अगुवाई से हुआ। यह किताब लेखक के उपदेश के द्वारा प्रकाशितवाक्य की किताब के प्रत्येक वचनों की टिप्पणी देता है। जो कोई भी यह किताब पढ़ेगा वह इस दुनिया के लिए परमेश्वर की सारी योजनाओं को समझेगा।अब यह समय आप के लिए पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास की जरुरत को समझने का समय है, जिससे आप बुध्धि को पा सको जो आपको अन्त के समय के सारे परिक्षण और क्लेश से छूटकारा दे सके। यह दो किताबों से, और पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा, आप प्
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Ch1-1. परमेश्वर के प्रकाशितवाक्य के वचन को सुने (प्रकाशितवाक्य १:१-२०)
वचन १: “यीशु मसीह का प्रकाशितवाक्य, जो उसे परमेश्वर ने इसलिये दिया कि अपने दासों को वे बातें, जिनका शीघ्र होना अवश्य है, दिखाए; और उसने अपने स्वर्गदूत को भेजकर उसके द्वारा अपने दास यूहन्ना को बताया,”प्रकाशितवाक्य की पुस्तक प्रेरित यूहन्ना द्वारा लिखी गई थी, जिन्होंने ईजियन समुद्र के एक द्वीप पतमुस टापू पर रहने के दौरान यीशु मसीह के प्रकाशितवाक्य को दर्ज किया था, उस टापू पर उन्हें रोमन सम्राट डोमिनियन के शासन (लगभग ९५ AD में) के पतन के वर्षों में निर्वासन में भेजा गया था। यूहन्ना को परमेश्वर के वचन और यीशु की गवाही की साक्षी देने के लिए पतमुस द्वीप में निर्वासित कर दिया गया था, और यूहन्ना ने इस द्वीप पर पवित्र आत्मा और उसके स्वर्गदूतों की प्रेरणा के माध्यम से यीशु मसीह द्वारा दिखाए गए परमेश्वर के राज्य को देखा। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch1-2. हमें सात युगों को जानना ही चाहिए (प्रकाशितवाक्य १:१-२०)
मैं उस प्रभु का धन्यवाद करता हूँ जो हमें इस अंधकारमय युग में आशा देता है। हमारी आशा यह है कि प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में जो लिखा है उसके अनुसार सब कुछ प्रकट होगा, और हमें विश्वास में प्रतीक्षा करनी होगी कि भविष्यवाणी के सभी वचन पूरे होंगे। प्रकाशितवाक्य की पुस्तक पर बहुत कुछ लिखा गया है। जबकि विद्वानों द्वारा सिद्धांत और व्याख्याएं प्रचुर मात्रा में हैं, फिर भी एक ऐसे कार्य को पाना मुश्किल है जो वास्तव में अपने दृष्टिकोण में बाइबल पर आधारित है। परमेश्वर की कृपा से ही मैं प्रकाशितवाक्य के वचन का अध्ययन और शोध करने में अनगिनत घंटे बिताकर इस पुस्तक को लिखने में सक्षम हूँ। यहाँ तक कि जब मैं अभी बोल रहा हूँ, मेरा हृदय प्रकाशितवाक्य के सत्य से भर गया है। जबकि मैंने इस पुस्तक के लिए अपनी टिप्पणियां और उपदेश तैयार किए हैं तब पवित्र आत्मा ने भी मुझे भर दिया है। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch2-1. इफिसुस की कलीसिया को पत्री (प्रकाशितवाक्य २:१-७)
वचन १: “इफिसुस की कलीसिया के दूत को यह लिख: जो सातों तारे अपने दाहिने हाथ में लिये हुए है, और सोने की सातों दीवटों के बीच में फिरता है, वह यह कहता है कि:”इफिसुस की कलीसिया परमेश्वर की एक ऐसी कलीसिया थी जिसे पानी और आत्मा के उस सुसमाचार पर विश्वास के द्वारा स्थापित किया गया था जिसका पौलुस ने प्रचार किया था। इस भाग में “सात सोने की दीवट” परमेश्वर की कलीसियाओं यानी पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करने वालों के समूह को संदर्भित करती है, और “सात तारे” परमेश्वर के सेवकों को संदर्भित करते हैं। दूसरी ओर, वचन “वह जो सातों तारे अपने दाहिने हाथ में लिए हुए है,” का अर्थ है कि परमेश्वर स्वयं अपने सेवकों को थामे रहता है और उनका उपयोग करता है। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch2-2. ऐसा विश्वास जो शहादत को गले लगा सकता है (प्रकाशितवाक्य २:१-७)
हम में से अधिकांश लोगो के लिए, शहादत एक अपरिचित शब्द है, लेकिन जो एक गैर-मसीही संस्कृति में पले-बढ़े हैं, उनके लिए यह और भी अधिक अपरिचित है। निश्चित रूप से शब्द “शहादत” एक ऐसा शब्द नहीं है जिसका हम अक्सर अपने दैनिक जीवन में सामना करते हैं; हम शब्द से अलग और परे महसूस करते हैं, क्योंकि हमारे लिए अपनी वास्तविक शहादत की कल्पना करना काफी अवास्तविक है। फिर भी, प्रकाशितवाक्य की पुस्तक के अध्याय २ और ३ में इस शहादत की चर्चा है, और इसके वचन से हमें अपने हृदयों में शहादत का विश्वास स्थापित करना चाहिए—अर्थात वह विश्वास जिसके साथ हम शहीद हो सकते हैं।रोमन सम्राट साम्राज्य के अपने लोगों के पूर्ण शासक थे। अपने अधिकार क्षेत्र पर पूर्ण अधिकार रखते हुए, वे अपने ह्रदय की इच्छा के अनुसार कुछ भी कर सकते थे। कई युद्ध लड़ने और जीतने के बाद, रोमन साम्राज्य ने अपने शासन के तहत अनगिनत राष्ट्रों को वश में कर लिया, जीते हुए राष्ट्रों द्वारा दिए गए उपहार के साथ खुद को समृद्ध किया। एक भी युद्ध नहीं हारे, छोटा राष्ट्र दुनिया के सबसे महान साम्राज्यों में से एक बन गया। केवल आकाश ही उस शक्ति की सीमा थी जिसे उसके सम्राट शासन करने के लिए आए थे। यह शक्ति इतनी महान थी कि अंततः लोगों द्वारा उन्हें जीवित देवताओं के रूप में पूजा जाने लगा। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch2-3. स्मुरना की कलीसिया को पत्री (प्रकाशितवाक्य २:८-११)
वचन ८: “स्मुरना की कलीसिया के दूत को यह लिख : “जो प्रथम और अन्तिम है, जो मर गया था और अब जीवित हो गया है, वह यह कहता है कि।”स्मुरना की कलीसिया की स्थापना तब हुई जब पौलुस इफिसुस की कलीसिया की सेवा कर रहा था। उपरोक्त परिच्छेद के अनुसार, इस कलीसिया के सदस्य अपेक्षाकृत गरीब थे, जो अपने विश्वास के कारण, अपने समुदाय में यहूदियों द्वारा विरोध का सामना कर रहे थे। यहूदियों द्वारा इस कलीसिया को कितना सताया गया था, यह कलीसिया के फादर्स के युग में एक पर्यवेक्षक पॉलीकार्प की शहादत से देखा जा सकता है। प्रारंभिक कलीसिया के संतों को यहूदी विश्वासियों द्वारा निरंतर उत्पीड़न का सामना करना पड़ा जिन्होंने मसीह को अपने मसीहा के रूप में अस्वीकार कर दिया। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch2-4. मृत्यु तक विश्वासयोग्य रहे (प्रकाशितवाक्य २:८-११)
प्रारंभिक कलीसिया के युग के दौरान, कई मसीही सुरक्षित जगह की तलाश में भटक रहे थे, जहां वे रोमन अधिकारियों के हाथों सताव से बच सकें। रोमन साम्राज्य ने सम्राट नीरो के निधन के बाद भी उत्पीड़न की अपनी नीति जारी रखी, क्योंकि मसीही लोग बाद के सम्राटों के अधिकार की अवहेलना करते रहे। प्रारंभिक संतों ने रोमन सम्राटों के सांसारिक अधिकार को स्वीकार किया और समझा, लेकिन जब अपने विश्वास को छोड़ने की बात आई तब उन्होंने उसे मानने से इनकार कर दिया। क्योंकि वे रोमन अधिकारियों की ऐसी मांग के खिलाफ खड़े हुए थे, प्रारंभिक कलीसिया के इतिहास उत्पीड़न और शहादत से भरे हुए है।हमें अपने आप से पूछना चाहिए कि क्या प्रकाशितवाक्य के वचन की आज के विश्वासियों के लिए कोई विशेष प्रासंगिकता है। आखिरकार, यह वर्त्तमान समय में नहीं लेकिन लगभग दो हजार साल पहले लिखा गया था, और एशिया के सात कलीसियाओं के लिए, हमारे लिए नहीं। यह हमारे लिए कैसे प्रासंगिक हो सकता है? https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch2-5. पाप से किसका उद्धार हुआ है? (प्रकाशितवाक्य २:८-११)
यह भाग एशिया माइनर में स्मुरना की कलीसिया को प्रभु का पत्र है, एक कलीसिया जो भौतिक रूप से गरीब थी, लेकिन फिर भी आत्मिक रूप से विश्वास में समृद्ध थी। इसके संतों और परमेश्वर के सेवक ने यहूदियों द्वारा सताए जाने के बावजूद अपने विश्वास का बचाव किया, और यहां तक कि मृत्यु के अपने क्लेशों में भी, उन्होंने प्रभु और उसके पानी और आत्मा के सुसमाचार का इन्कार नहीं किया। वे परमेश्वर के वचन में विश्वास करके लड़े और जीते।प्रभु ने स्मुरना की कलीसिया के संतों से कहा कि वे आने वाले कष्टों से न डरें, लेकिन मृत्यु तक वफादार रहें, और वह उन्हें जीवन का मुकुट देगा ऐसा वादा किया। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch2-6. पिरगमुन की कलीसिया को पत्री (प्रकाशितवाक्य २:१२-१७)
वचन १२: “पिरगमुन की कलीसिया के दूत को यह लिख: “जिसके पास दोधारी और तेज तलवार है, वह यह कहता है कि”पिरगमुन एशिया माइनर का एक प्रशासनिक राजधानी शहर था, जिसके निवासी कई मूर्तिपूजक देवताओं की पूजा करते थे। विशेष रूप से, यह सम्राट की पूजा का केंद्र था। “जिसके पास दोधारी और तेज तलवार है,” से इसका अर्थ है कि प्रभु परमेश्वर के शत्रुओं से लड़ता है।वचन १३: “मैं यह जानता हूँ कि तू वहाँ रहता है जहाँ शैतान का सिंहासन है; तू मेरे नाम पर स्थिर रहता है, और मुझ पर विश्वास करने से उन दिनों में भी पीछे नहीं हटा जिनमें मेरा विश्वासयोग्य साक्षी अन्तिपास, तुम्हारे बीच उस स्थान पर घात किया गया जहाँ शैतान रहता है।” https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch2-7. नीकुलईयों के सिध्धांत के अनुयायी (प्रकाशितवाक्य २:१२-१७)
यहाँ कहा गया है कि एशिया की सात कलीसियाओं में, पिरगमुन की कलीसिया में कुछ सदस्य थे जो नीकुलइयों के सिद्धांत का पालन करते थे। ये लोग केवल अपनी सांसारिक संपत्ति और प्रसिद्धि का निर्माण करने की इच्छा से नष्ट हो गए थे, और आत्माओं को बचाने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। विशेष रूप से सेवकों को बहुत सावधान रहना चाहिए ताकि बालाम के इस सिद्धांत का पालन न करें। बालाम ने पवित्र लोगों को जगत की आराधना करवाई और उन्हें विनाश की ओर लेकर गया।परमेश्वर ने हमें अपनी प्रतिज्ञा का वचन दिया है कि जो विजय प्राप्त करेगा, उन्हें वह छिपा हुआ मन्ना और एक सफेद पत्थर देगा। दूसरे शब्दों में कहें तो इसका मतलब यह भी है कि दुनिया का अनुसरण करने वाले पादरियों को अपना मन्ना खोना पड़ेगा। यहाँ मन्ना का अर्थ है “परमेश्वर का उत्तम वचन,” और छिपे हुए मन्ना को खोने का अर्थ है परमेश्वर की इच्छा को खोना जो उसके वचन में छिपी है। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch2-8. थुआतीरा की कलीसिया को पत्री (प्रकाशितवाक्य २:१८-२९)
वचन १८: “थुआतीरा की कलीसिया के दूत को यह लिख: “परमेश्वर का पुत्र जिसकी आँखें आग की ज्वाला के समान, और जिसके पाँव उत्तम पीतल के समान हैं।थुआतीरा की कलीसिया का गलत काम ईज़ेबेल की शिक्षाओं को कलीसिया में प्रवेश करने की अनुमति दे रहा था। राजा अहाब की पत्नी ईज़ेबेल इस्राएल में मूर्तिपूजा लाई और उसके लोगों को व्यभिचार करने और मूरतों को अर्पण किया हुआ खाना खाने के लिए बहकाया। जिसकी “आँखे आग की ज्वाला के सामान” है ऐसे यीशु के वर्णक के द्वारा, परमेश्वर चेतावनी दे रहा है कि वह उन लोगों को फटकारेगा और उनका न्याय करेगा जो परमेश्वर की कलीसिया में गलत विश्वास करते हैं। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch2-9. क्या पानी और आत्मा से आपका उद्धार हुआ है? (प्रकाशितवाक्य २:१८-२९)
थुआतीरा की कलीसिया ने प्रेम, विश्वास और धैर्य के साथ परमेश्वर के कार्यों की सेवा की, और समय बीतने के साथ इसके कार्य बेहतर होते जा रहे थे। लेकिन साथ ही, यह एक ऐसी कलीसिया थी जो एक दुष्ट भविष्यवक्ता से त्रस्त थी। दुसरे शब्दों में, इसका गलत कार्य यह था कि इसके कुछ सदस्यों को इस पश्चाताप न करनेवाली झूठी भविष्यद्वक्ता द्वारा मूर्तिपूजा और यौन अनैतिकता करने के लिए धोखा दिया गया था। इस प्रकार प्रभु ने थुआतीरा की कलीसिया से पश्चाताप करने और अंत तक अपने पहले विश्वास को बनाए रखने की मांग की। प्रभु ने यह भी वादा किया कि जो लोग अंत तक अपने विश्वास की रक्षा करते हैं, उन्हें वह राष्ट्रों और भोर के तारे पर अधिकार देगा। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch3-1. सरदीस की कलीसिया को पत्री (प्रकाशितवाक्य ३:१-६)
वचन १: “सरदीस की कलीसिया के दूत को यह लिख: “जिसके पास परमेश्वर की सात आत्माएँ और सात तारे हैं, वह यह कहता है कि मैं तेरे कामों को जानता हूँ: तू जीवित तो कहलाता है, पर है मरा हुआ।”प्रभु के पास परमेश्वर की सात आत्माएँ और सात तारे हैं। सरदीस की कल्लिसिया के विश्वास के जीवन में कई कमियां थीं। इसलिए परमेश्वर ने कलीसिया को विश्वास से जीने की सलाह दी। परमेश्वर ने यहाँ सरदीस की कलीसिया के सेवक से कहा, “तू जीवित तो कहलाता है, पर है मरा हुआ।” इसके द्वारा, परमेश्वर का मतलब था कि सरदीस की कलीसिया के सेवक का विश्वास सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए मर चुका था। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch3-2. वे जिन्होंने अपने वस्त्र अशुध्द नहीं किए (प्रकाशितवाक्य ३:१-६)
यहाँ पद्यांश कहता है की, “पर हाँ, सरदीस में तेरे यहाँ कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपने–अपने वस्त्र अशुद्ध नहीं किए, वे श्वेत वस्त्र पहिने हुए मेरे साथ घूमेंगे, क्योंकि वे इस योग्य हैं।” “श्वेत वस्त्र” पहिने घूमने का मतलब है की उन्होंने परमेश्वर की धार्मिकता में अपने विश्वास की रक्षा की है।परमेश्वर उनके साथ चलता है जो अपने विश्वास की शुद्धता को बनाए रखते हैं। वह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता, बल्कि हमेशा उनके साथ रहता है और उन्हें आशीर्वाद देता है।इस पृथ्वी पर धर्मी लोग हैं जो पवित्र आत्मा के साथ चलते हैं। परमेश्वर ने उनके नाम जीवन की पुस्तक में लिखे हैं और उन्हें हमेशा के लिए अनन्त जीवन जीने की अनुमति दी है। धर्मी लोगों को श्वेत वस्त्र पहनाकर और हमेशा उनके साथ रहने के द्वारा, परमेश्वर ने उनके लिए शैतान को उसके खिलाफ संघर्ष में हमेशा पराजित करना संभव बनाया है। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch3-3. फिलदिलफिया की कलीसिया को पत्री (प्रकाशितवाक्य ३:७-१३)
वचन ७: “फिलदिलफिया की कलीसिया के दूत को यह लिख: “जो पवित्र और सत्य है, और जो दाऊद की कुंजी रखता है, जिसके खोले हुए को कोई बन्द नहीं कर सकता और बन्द किए हुए को कोई खोल नहीं सकता।”प्रभु सभी के राजा के रूप में स्वर्ग के राज्य पर शासन करता है। वह पूर्ण अधिकार और सामर्थ वाला परमेश्वर है—जिसे वह खोलता है उसे कोई बंद नहीं कर सकता, और जिसे वह बंद करता है उसे कोई खोल नहीं सकता। प्रभु सिद्ध परमेश्वर है जो इस पृथ्वी पर आया और पापियों को पानी और आत्मा के सुसमाचार के द्वारा उनके सब पापों से छुड़ाया। स्वर्ग का द्वार केवल प्रभु के द्वारा दी गई पानी और आत्मा के सुसमाचार से ही खोला जा सकता है। इसे और कोई नहीं खोल सकता, क्योंकि जो कुछ इस राज्य का है वह सब हमारे प्रभु परमेश्वर पर निर्भर है। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch3-4. परमेश्वर के सेवक और संत जो परमेश्वर के ह्रदय को प्रसन्न करते है
परमेश्वर हमें यहाँ बताता है कि एशिया की सात कलीसियाओं में से, जिस कलीसिया को प्रभु ने सबसे अधिक सराहा और जो सबसे प्रिय थी, वह फिलदिलफिया की कलीसिया थी। आज के युग में भी, हम देख सकते हैं कि परमेश्वर, जिसने एशिया की सात कलीसियाओं से बात की थी, चाहता है कि उसकी कलीसियाएँ फिलदिलफिया की कलीसिया के समान हों, उनके माध्यम से कार्य करें और उनसे प्रसन्न हों। आज के समय में भी, कलीसियाएँ जिनकी परमेश्वर द्वारा प्रशंसा की जाती है, वे पानी और आत्मा के सुसमाचार का प्रचार कर रही हैं। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch3-5. लौदीकिया की कलीसिया को पत्री (प्रकाशितवाक्य ३:१४-२२)
वचन १४: “लौदीकिया की कलीसिया के दूत को यह लिख : “जो आमीन और विश्वासयोग्य और सच्चा गवाह है, और परमेश्वर की सृष्टि का मूल कारण है। हमारे प्रभु इस धरती पर आए और परमेश्वर की इच्छा को पूरा करने के लिए अपनी मृत्यु तक परमेश्वर की आज्ञा का पालन किया। दूसरे शब्दों में, यदि वह पिता की इच्छा होती, तो उसने “आमीन” के साथ किसी भी आदेश का पालन किया। हमारा प्रभु परमेश्वर पिता के राज्य का वफादार सेवक और सच्चा गवाह है जिसने खुद को परमेश्वर के पुत्र और उद्धारकर्ता के रूप में गवाही दी। हमारा प्रभु आदि की सृष्टि का परमेश्वर है। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch3-6. चेलों के जीवन के लिए सच्चा विश्वास (प्रकाशितवाक्य ३:१४-२२)
लौदीकिया की कलीसिया का विश्वास एक ऐसा विश्वास था जो प्रभु के द्वारा बाहर किए जाने के योग्य था। इसलिए प्रभु ने यह सम्मति दी, कि वे आग में ताया हुआ सोना प्रभु से मोल ले, कि वे अपने विश्वास के धनी हो जाएं। यह गुनगुना विश्वास इस युग के धर्मियों के बीच भी प्रकट हो सकता है। क्योंकि उन्होंने अपना विश्वास मुफ्त में प्राप्त किया, वे यह नहीं जानते कि उनका विश्वास कितना कीमती है। इस प्रकार परमेश्वर ने धर्मियों को अपनी डांट और सम्मति का वचन सुनाया, कि उन्हें ऐसा विश्वास दिया जाए, जो आग में ताए गए सोने के समान है। हम इस सन्दर्भ से पता लगा सकते हैं कि प्रभु चाहता था कि एशिया की सभी सात कलीसियाओं में एक ही विश्वास हो। प्रभु ने उन सभी को आज्ञा दी जिनके कान हैं, वे सुनें कि पवित्र आत्मा उसकी कलीसियाओं से क्या कहता है। ३:१७ से, हम देखते हैं कि लौदीकिया की कलीसिया अपने स्वयं के धोखे में फंस गई थी, यह सोचकर कि इसकी भौतिक बहुतायत परमेश्वर के आत्मिक आशीर्वाद के समान थी और यह उनके विश्वास के कारण था। इस बहकावे में आने वाली मण्डली की ओर, परमेश्वर ने उनकी आत्मिक गरीबी और दुख की ओर तीखा संकेत किया। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch4-1. यीशु की ओर देखे जो परमेश्वर के सिंहासन पर बैठा है (प्रकाशितवाक्य ४:१-११)
वचन १: “इन बातों के बाद जो मैं ने दृष्टि की तो क्या देखता हूँ कि स्वर्ग में एक द्वार खुला हुआ है, और जिसको मैं ने पहले तुरही के से शब्द से अपने साथ बातें करते सुना था, वही कहता है, “यहाँ ऊपर आ जा; और मैं वे बातें तुझे दिखाऊँगा, जिनका इन बातों के बाद पूरा होना अवश्य है।”स्वर्ग का द्वार पहले बंद कर दिया गया था। लेकिन यह फाटक तब खुला था जब यीशु ने इस पृथ्वी पर आकर, यूहन्ना से बपतिस्मा लेकर, क्रूस पर मरकर, और मृत्यु से फिर जीवित होकर पापियों को उनके अधर्म से छूटकारा दिलाया। अपने स्वर्गदूतों के माध्यम से, परमेश्वर ने प्रेरित यूहन्ना को यह प्रकट किया कि अंत के समय में दुनिया के साथ क्या होगा। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch4-2. यीशु परमेश्वर है (प्रकाशितवाक्य ४:१-११)
प्रकाशितवाक्य 4 के वचन के द्वारा, हम यह पता लगा सकते हैं कि हमारा यीशु किस प्रकार का परमेश्वर है, और इस ज्ञान से हमारा विश्वास मजबूत होता है। जब वचन के माध्यम से प्राप्त ज्ञान विश्वास में बदल जाता है और हमारे दिलों में स्थापित हो जाता है, तो जब प्रभु की वापसी का समय निकट आता है और मसीह विरोधी उठ खडा होकर हमें धमकाता है हम प्रभु में दृढ़ विश्वास के साथ शैतान से लड़ सकते हैं और उस पर जय प्राप्त कर सकते हैं।हम अब अपने विश्वास का पोषण कर रहे हैं ताकि हम बड़े क्लेश के पहले साढ़े तीन वर्षों की परीक्षाओं के लिए तैयारी कर सकें। यदि हम उस दिन इस पोषण के बिना सामना हैं, तो हम निश्चित रूप से अपना विश्वास खो देंगे। लेकिन यदि हम दृढ़ विश्वास तैयार करते हैं, तो हम साहसपूर्वक यह घोषणा कर सकते हैं किजिसने हमें बचाया वह परमेश्वर है, और हम उस सर्वशक्तिमान परमेश्वर की संतान है जो शैतान से ऊपर है जिसका परमेश्वर के सामने कोई मुकाबला नहीं है। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch5-1. यीशु जिसे परमेश्वर पिता के प्रतिनिधि के रूप में सिंहासन पर बिठाया गया (प्रकाशितवाक्य ५:१-१४)
वचन १: “जो सिंहासन पर बैठा था, मैं ने उसके दाहिने हाथ में एक पुस्तक देखी जो भीतर और बाहर लिखी हुई थी, और वह सात मुहर लगाकर बन्द की गई थी।”यह यहाँ कहता है कि परमेश्वर पिता के दाहिने हाथ में सात मुहरों से मुहरबंद एक पुस्तक थी। हमारे प्रभु यीशु मसीह ने पिता के दाहिने हाथ में रखे इस पुस्तक को लिया, जिसका अर्थ है कि यीशु को स्वर्ग का सारा अधिकार दिया गया है। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch5-2. मेमना जो सिंहासन पर बैठा है (प्रकाशितवाक्य ५:१-१४)
हम अभी प्रकाशितवाक्य ५ से गुजरे हैं। यहाँ, परमेश्वर का वचन हमें बताता है कि प्रभु ही वह है जो अंत समय में मनुष्यजाति को बचाएगा और उनका न्याय करेगा। यह परमेश्वर कौन है जिस पर हम विश्वास करते हैं? वचन हमें बताता है कि यीशु मसीह उन लोगों के लिए उद्धारकर्ता है जो उस पर विश्वास करते हैं, सभी मनुष्यजाति के न्यायी और राजाओं के राजा हैं।हम अक्सर यीशु को एक सीमित प्रभु के रूप में सोचते हैं। परन्तु हमारा प्रभु सारी सृष्टि का न्यायी है।प्रभु ने हमें पानी और आत्मा का सुसमाचार देकर हमारे सब पापों, न्याय और विनाश से छुड़ाया। इसलिए प्रभु हमारा सच्चा उद्धारकर्ता और सच्चा परमेश्वर बन गया। साथ ही, हमारा प्रभु समस्त मनुष्यजाति का राजा और न्यायी है। आज, आइए हम उस प्रभु के लिए अपने आभारी हृदयों को जगाएं जिस पर हम विश्वास करते हैं और जिस पर हम भरोसा करते हैं। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch6-1. परमेश्वर के द्वारा निर्धारित सात युग (प्रकाशितवाक्य ६:१-१७)
वचन १: “फिर मैं ने देखा कि मेम्ने ने उन सात मुहरों में से एक को खोला; और उन चारों प्राणियों में से एक का गर्जन का सा शब्द सुना, “आ!”यह वचन हमें बताता है कि यीशु पिता से प्राप्त पुस्तक की पहली योजना को खोलता है, जो मनुष्यजाति के लिए परमेश्वर की पूरी योजना को दर्ज करता है। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch6-2. सात मुहरों के युग (प्रकाशितवाक्य ६:१-१७)
पहले अध्याय से शुरू होकर, प्रकाशितवाक्य के वचन के प्रत्येक अध्याय का एक विषय है, और जब वे प्रकट होते हैं तो वे सभी एक दूसरे के साथ अंतिम अध्याय से जुड़ते हैं। जैसे रोमियों में, जहाँ अध्याय १ परिचय है, अध्याय २ यहूदियों के लिए परमेश्वर का वचन है, और अध्याय ३ अन्यजातियों के लिए परमेश्वर वचन है, प्रकाशितवाक्य की पुस्तक भी प्रत्येक अध्याय के लिए एक विषय के साथ आगे बढ़ती है।पूरे वचन के आधार पर मैं प्रकाशितवाक्य की व्याख्या इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि बहुत से लोगों ने सभी प्रकार की परिकल्पनाओं के साथ प्रकाशितवाक्य पर चर्चा की है, और यदि आप प्रकाशितवाक्य को इन धारणाओं के माध्यम से पढ़ते हैं, तो आप गंभीर गलतियाँ करने से नहीं बचेंगे। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch7-1. महा कलेश के दौरान कौन बचेगा? (प्रकाशितवाक्य ७:१-१७)
वचन १: “इसके बाद मैं ने पृथ्वी के चारों कोनों पर चार स्वर्गदूत खड़े देखे। वे पृथ्वी की चारों हवाओं को थामे हुए थे ताकि पृथ्वी या समुद्र या किसी पेड़ पर हवा न चले।”यह हमें दिखाता है कि क्लेशों की हवा चले या न चले, यह पूरी तरह से परमेश्वर की अनुमति पर निर्भर करता है। परमेश्वर ने फैसला किया है कि वह इस पृथ्वी पर बड़े क्लेश की अनुमति देने से पहले इस्राएल के गोत्रों से १,४४,००० को बचाएगा और उन्हें अपनी प्रजा बनाएगा। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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Ch7-2. आइए हम ऐसा विश्वास करे जो युध्ध करता हो (प्रकाशितवाक्य ७:१-१७)
आज के मसीहीयों को बाइबल की सच्चाई को ठीक से जानना चाहिए। विशेष रूप से, प्रकाशितवाक्य के वचन के माध्यम से, हमें संतों के रेप्चर की उचित समझ होनी चाहिए और उचित विश्वास के साथ जीना चाहिए।सबसे पहले, हमें यह समझना चाहिए कि रेप्चर महान क्लेश के मध्य भाग पर होगा, जो सात साल की अवधि के पहले साढ़े तीन साल से थोड़ा पहले होगा। इसलिए कलीसियाओं और संतों को अंत के समय में एक संघर्षपूर्ण विश्वास होना चाहिए, ताकि मनुष्यजाति को पाप से मुक्त करने और यीशु मसीह में योजना के अनुसार अनन्त जीवन देने के लिए परमेश्वर की इच्छा को पूरा किया जा सके। https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35
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९/११ के आतंकवादी हमले के बाद, www.raptureready.com, पर ट्राफिक बढ़ गया जो अन्त समय के बारे में जानकारी देता है, तक़रीबन ८० लाख लोगों ने वेबसाइट की मुलाक़ात ली थी, और CNN और TIME के साथ किए गए सर्वे के मुताबिक़, ५९% से ज्यादा अमरीका के लोग अब भविष्य की बातों पर विश्वास करते है।समय की मांग को प्रत्युत्तर देते हुए, लेखक प्रकाशितवाक्य की किताब के मुख्य विषय के बारे में स्पष्ट समझ देते है, जिसमे आनेवाले मसीह विरोधी, संतो की शहादत और उनके रेप्चर, हजार साल के राज्य, और नया स्वर्ग और नई पृथ्वी का समावेश होता है – यह सब पवित्रशास्त्र के तले और पवित्र आत्मा की अगुवाई से हुआ। यह किताब लेखक के उपदेश के द्वारा प्रकाशितवाक्य की किताब के प्रत्येक वचनों की टिप्पणी देता है। जो कोई भी यह किताब पढ़ेगा वह इस दुनिया के लिए परमेश्वर की सारी योजनाओं को समझेगा।अब यह समय आप के लिए पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास की जरुरत को समझने का समय है, जिससे आप बुध्धि को पा सको जो आपको अन्त के समय के सारे परिक्षण और क्लेश से छूटकारा दे सके। यह दो किताबों से, और पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा, आप प्
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