EPISODE · Apr 23, 2020 · 10 MIN
अलंकार- अर्थालंकार के भेद(उपमा,रूपक, अतिशयोक्ति और मानवीकरण अलंकार)
from वैचारिक पटल · host Anita Aggarwal
जहां अर्थ के कारण काव्य में आकर्षण उत्पन्न होता है, वहां अर्थालंकार होता है। प्रस्तुत अंक में उपमा, रूपक, अतिशयोक्ति और मानवीकरण अलंकार की चर्चा की गई है।
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कमलेशवर द्वारा रचित ये उपन्यास मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की दस्तक है .... इस उम्मीद के साथ क
Robin Singh
कमलेशवर द्वारा रचित ये उपन्यास मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की दस्तक है ....इस उम्मीद के साथ कि भारत ही नहीं ,दुनिया भर में एक के बाद दूसरे पाकिस्तान बनाने की लहू से लथपथ यह परंपरा अब खत्म हो । स्वर - रौबिन सिंह चौहान ।
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This episode was published on April 23, 2020.
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