EPISODE · Dec 7, 2025 · 1 MIN
Andhere Ke Din | Laxmishankar Vajpeyi
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
अँधेरे के दिन । लक्ष्मीशंकर वाजपेयीबदल गए हैं अँधेरों के दिनअब वे नहीं निकलतेसहमे, ठिठके, चुपके-चुपके रात के वक्तवे दिन-दहाड़े घूमते हैं बस्ती मेंसीना ताने,कहकहे लगातेनहीं डरते उजालों सेबल्कि उजाले ही सहम जाते हैं इनसेअकसर वे धमकाते भी हैं उजालों कोबदल गए हैं अँधेरों के दिन।
NOW PLAYING
Andhere Ke Din | Laxmishankar Vajpeyi
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
May 13, 2026 ·13m
May 11, 2026 ·20m
May 6, 2026 ·18m
May 4, 2026 ·15m
May 1, 2026 ·16m