EPISODE · Jun 16, 2024 · 3 MIN
Aurat Ki Ghulami | Sheoraj Singh 'Bechain'
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
औरत की गुलामी | डॉ श्योराज सिंह ‘बेचैन’ किसी आँख में लहू है-किसी आँख में पानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।पैदा हुई थी जिस दिन-घर शोक में डूबा था।बेटे की तरह उसका-उत्सव नहीं मना था।बंदिश भरा है बचपन-बोझिल-सी जवानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।तालीम में कमतर है--बाहरी हवा ज़हर है।लड़का कहीं भी जाए-उस पर कड़ी नज़र है।उसे जान गँवा कर भी-हर रस्म निभानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।कभी अग्नि परीक्षा में-औरत ही तो बैठी थी।होती थी जब सती तो-औरत ही तो होती थी।उसी जुल्म की बकाया--पर्दा भी निशानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।कानून समाजों के-एकतरफा नसीहत है।जिसे दिल से नहीं चाहा-वही प्यार मुसीबत है।दौलत-पसन्द दुनिया-मतलब की दीवानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।अब वक़्त है वो अपने-आयाम ख़ुद बनाये।तालीम हो या सर्विस-अपने हकूक पाये।मिलजुल के विषमता-की दीवार गिरानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।ससुराल सताये फिर-मुमकिन ही नहीं होगा।स्टोव जलाये फिर-मुमकिन ही नहीं होगा।दिन-चैन के आएँगे-यह रात तो जानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।
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औरत की गुलामी | डॉ श्योराज सिंह ‘बेचैन’ किसी आँख में लहू है-किसी आँख में पानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।पैदा हुई थी जिस दिन-घर शोक में डूबा था।बेटे की तरह उसका-उत्सव नहीं मना था।बंदिश भरा है बचपन-बोझिल-सी जवानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।तालीम में कमतर है--बाहरी हवा ज़हर है।लड़का कहीं भी जाए-उस पर कड़ी नज़र है।उसे जान गँवा कर भी-हर रस्म निभानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।कभी अग्नि परीक्षा में-औरत ही तो बैठी थी।होती थी जब सती तो-औरत ही तो होती थी।उसी जुल्म की बकाया--पर्दा भी निशानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।कानून समाजों के-एकतरफा नसीहत है।जिसे दिल से नहीं चाहा-वही प्यार मुसीबत है।दौलत-पसन्द दुनिया-मतलब की दीवानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।अब वक़्त है वो अपने-आयाम ख़ुद बनाये।तालीम हो या सर्विस-अपने हकूक पाये।मिलजुल के विषमता-की दीवार गिरानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।ससुराल सताये फिर-मुमकिन ही नहीं होगा।स्टोव जलाये फिर-मुमकिन ही नहीं होगा।दिन-चैन के आएँगे-यह रात तो जानी है।औरत की गुलामी भी-एक लम्बी कहानी है।
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