EPISODE · Mar 29, 2026 · 1 MIN
Baans | Kanhaiyalal Sethia
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
बाँस | कन्हैयालाल सेठियास्वयं उगतेनहीं उगाए जातेबाँस,नहीं होतेउनके सुमनकोई फलनहीं उनमेंचंदन की सुवास,पर बिना बाँसनहीं बनती बाँसुरी,ध्वनित होती हैजिसके छिद्रों सेराग रागिनियाँबिना उसकेनहीं बनती कलमजिससे व्यक्त होती हैंजीवन की अनुभूतियाँजो हैं अनमोलवह बिकते हैं कौड़ियाँ के मोल
What this episode covers
बाँस | कन्हैयालाल सेठियास्वयं उगतेनहीं उगाए जातेबाँस,नहीं होतेउनके सुमनकोई फलनहीं उनमेंचंदन की सुवास,पर बिना बाँसनहीं बनती बाँसुरी,ध्वनित होती हैजिसके छिद्रों सेराग रागिनियाँबिना उसकेनहीं बनती कलमजिससे व्यक्त होती हैंजीवन की अनुभूतियाँजो हैं अनमोलवह बिकते हैं कौड़ियाँ के मोल
NOW PLAYING
Baans | Kanhaiyalal Sethia
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
Jun 22, 2026 ·26m
Jun 20, 2026 ·60m
Jun 19, 2026 ·25m