EPISODE · May 24, 2026 · 2 MIN
Bhejna | Tribhuvan
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
भेजना | त्रिभुवनलौटते पत्र के साथकुछ बादल भेजनासमुद्र के कुछ पेड़पत्तियों के बीच चहचहाते कुछ पक्षीऔर पानी की कुछ लहरें भेजनाअपनी सुंदर आँखों के अक्स भेजनाभेजना चेहरे की लालिमा के कुछ लैंडस्केपऔर रात भर नशा करके बैठी सुबह की कुछ छवियाँ भेजनाहाँ, एक खुली खिड़की भेजनाएक मदमाती पतली अकेली गली का वह कोना भेजनाजहाँ मैं तुमसे मिल सकूँऔर अपनी उँगलियों की छुअन भेजनाजिसे अपनी चाहत की दीवारों में गाड़करअपने भरोसे की गठरी टाँग दूँ!
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