EPISODE · May 9, 2026 · 3 MIN
Choolha | Tanwir Sheikh 'Ilham'
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
चूल्हा । तनवीर शेख़ 'इल्हाम’ चूल्हे ने संभालापितृसत्ता कोऔर बनाएं रखा अपना वर्चस्वये चूल्हास्त्रियों के ऊपरऐसे स्थापित किया गयाजो पुरुषों के रौब कोआजीवन कायम रख सकेपितृसत्ता नेचूल्हे के सहारे सेस्त्रियों के सत्य को, उनके सपने को और उनके व्यक्तित्व कोहमेशा जलाए रखाकितनी ही स्त्रियों को ब्याहा गयासिर्फ चूल्हे में झोंकने कोमानो ये चूल्हापकवान बनाने के लिएआविष्कार नहीं बल्किपुरुषों के अधिकार कोउनके वर्चस्व कोस्थायित्व बनाए रखने के लिएकिया गया होइस चूल्हे नेन जाने कितने स्वप्नतिलांजित किए होंगेताकि पुरुष कीपौरुष शक्ति कायम रहेसुनो लड़कियोंअब वक्त हैंउस चूल्हे कोलांघने का औरउस चूल्हे को उसी मेंतिलांजित करने काताकि चूल्ह से चांद कासफ़र करो तुमतो अब हुंकार भरोछोड़ो हाथों से बेलन औरथामों कलम-किताब जोतुम्हारे लिए साबित हो इंकलाबताकितुम पा सको उस गगन कोजो तुम्हारे उड़ान को तत्पर है औरउस समाज पर काबिज़ हो जाओजो तुम्हारे छलांग से भयभीत हैजो तुम्हारे आगाज़ से भयभीत हैं.!
Embed this episode
NOW PLAYING
Choolha | Tanwir Sheikh 'Ilham'
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
No similar episodes found.