EPISODE · Jun 16, 2026 · 1 MIN
Chupke Se Idhar Aa Jao | Shahryar
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
चुपके से इधर आ जाओ । शहरयारदरवाज़ा-ए-जाँ से हो करचुपके से इधर आ जाओइस बर्फ़ भरी बोरी कोपीछे की तरफ़ सरकाओहर घाव पे बोसे छिड़कोहर ज़ख़्म को तुम सहलाओमैं तारों की इस शब कोतक़्सीम करूँ यूँ सब कोजागीर हो जैसे मेरीये अर्ज़ न तुम ठुकराओचुपके से इधर आ जाओ
What this episode covers
चुपके से इधर आ जाओ । शहरयारदरवाज़ा-ए-जाँ से हो करचुपके से इधर आ जाओइस बर्फ़ भरी बोरी कोपीछे की तरफ़ सरकाओहर घाव पे बोसे छिड़कोहर ज़ख़्म को तुम सहलाओमैं तारों की इस शब कोतक़्सीम करूँ यूँ सब कोजागीर हो जैसे मेरीये अर्ज़ न तुम ठुकराओचुपके से इधर आ जाओ
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Chupke Se Idhar Aa Jao | Shahryar
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