EPISODE · May 25, 2025 · 2 MIN
Der Ho Jayegi | Ashok Vajpeyi
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
देर हो जाएगी | अशोक वाजपेयीदेर हो जाएगी-बंद हो जाएगी समय से कुछ मिनिट पहले हीउम्मीद की खिड़कीयह कहकर कि गाड़ी में अब कोई सीट ख़ाली नहीं।देर हो जाएगीकड़ी धूप और लू के थपेड़ों से राहत पाने के लिएकिसी अनजानी परछी में जगह पाने में,एक प्राचीन कवि के पद्य में नहींस्वप्न में उमगे रूपक को पकड़ने में,हरे वृक्ष की छाँह में प्यास से दम तोड़ती चिड़िया तकपानी ले जाने मेंदेर हो जाएगी-घूरे पर पड़ेसपनों स्मृतियों इतिहास के चिथड़ों को नवेरनेपड़ोसी के आँगन में अकस्मात् गिर पड़ीबालगेंद को वापस लाने,यातना की सार्वजनिक छवियों में दबे निजी सच को जानने,आत्मा के घुप्प दुर्ग में एक मोमबत्ती जलाकर खोजनेसबमें देर हो जाएगी -देर हो जाएगी पहचान मेंदेर हो जाएगी स्वीकार मेंदेर हो जाएगी अवसान में
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