।। ध्यान और निद्रा ।।
from Gurudev Ojaswi Sharma Ji Hosted by Seeker_Who Am I
* निद्रा में मन तमस में चला जाता है * ध्यान में जब वह अवस्था आती है कि कुछ भी पता नहीं, तो वह आनंद ही है * मै तो तुम्हारे लिए बैठता हु यहाँ, मेरे लिए सब अवस्थाएँ एक है * तुम मैं ही तो हूँ, मुझे तो सारा संसार अपना ही स्वरूप दिखता है * गहरी निद्रा में तुम हो मगर तुम्हें अपने होने का पता नहीं होता, जबकि ध्यान में तुम्हें अपने होने का पता रहता है * भगवान सोते हैं सिद्ध हैं, बस " है " * तब तक कल्याण नहीं होगा जब तक शरीर को मैं और मेरा मानते रहोगे
Embed this episode
No transcript yet.