EPISODE · Aug 24, 2024 · 3 MIN
दोपहर और दो साँसें
from Voice Of Sanket · host Sanket Pandey
बेतरतीब से कमरे के बीच में एक पलंग जिसपर हम दोनों पसरे थे, पर्दे लगे थे और रोशनी छन कर आ रही थी, मैं उसे देख रहा था, उसकी आंखों के नीचे के हल्के स्याह निशान, उसका वो सफेद सा चेहरा, वो मेरी दाढ़ी और मूंछों के बालों में अपनी उंगलियां फेर रही थी, मुझे बहुत दिन तक अपनी दाढ़ी का वो हिस्सा याद था
NOW PLAYING
दोपहर और दो साँसें
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
Mar 26, 2026 ·1m
Mar 19, 2026 ·34m
Feb 18, 2026 ·11m
Feb 11, 2026 ·45m