EPISODE · Dec 21, 2025 · 27 MIN
एक फ़र्ज़ी इंटलैक्चुअल | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
from Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui · host Aaj Tak Radio
एक थे बन्ने भाई, कानपुर में उनकी कोयले की दुकान थी जहां दिन भर वो ग्राहकों के साथ झकमारी करते थे लेकिन शाम को घर आते ही सफ़ेद सिल्क का कुर्ता-पायजामा पहनते, कंधे पर डाल लेते एक नकली पशमीना शॉल और फिर मोहल्ले के पास वाली चाय की दुकान पर बैठकर ऐसी फलसफ़ी टाइप की बातें करते थे कि लगता था उनसे बड़ा बुद्दिजीवी, उनसे बड़ा इंटलैक्चुअल पूरे शहर में कोई नहीं है. मीर-ओ-ग़ालिब की शायरी हो या मुल्कों की सियासत... सब पर ऐसी राय रखते थे कि मुहल्ले वाले दांतों में उंगली दबा लेते थे. फिर एक रोज़ मोहल्ले में एक नया लड़का आया और वो बन्ने भाई के लिए बवाल-ए-जान बन गया. सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
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एक थे बन्ने भाई, कानपुर में उनकी कोयले की दुकान थी जहां दिन भर वो ग्राहकों के साथ झकमारी करते थे लेकिन शाम को घर आते ही सफ़ेद सिल्क का कुर्ता-पायजामा पहनते, कंधे पर डाल लेते एक नकली पशमीना शॉल और फिर मोहल्ले के पास वाली चाय की दुकान पर बैठकर ऐसी फलसफ़ी टाइप की बातें करते थे कि लगता था उनसे बड़ा बुद्दिजीवी, उनसे बड़ा इंटलैक्चुअल पूरे शहर में कोई नहीं है. मीर-ओ-ग़ालिब की शायरी हो या मुल्कों की सियासत... सब पर ऐसी राय रखते थे कि मुहल्ले वाले दांतों में उंगली दबा लेते थे. फिर एक रोज़ मोहल्ले में एक नया लड़का आया और वो बन्ने भाई के लिए बवाल-ए-जान बन गया. सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
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