EPISODE · Feb 19, 2026 · 1 MIN
Ghar Pe Thande Choolhe Par | Adam Gondvi
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
घर पे ठंडे चूल्हे पर अगर ख़ाली पतीली है।अदम गोंडवीघर पे ठंडे चूल्हे पर अगर ख़ाली पतीली हैबताओं कैसे लिख दूँ धूप फागुन की नशीली हैभटकती है हमारे गाँव में गूँगी भिखारन-सीये सुब्हे-फ़रवरी बीमार पत्नी से भी पीली हैबग़ावत के कँवल खिलते हैं दिल के सूखे दरिया मेंमैं जब भी देखता हूँ आँख बच्चों की पनीली हैसुलगते जिस्म की गर्मी का फिर एहसास हो कैसेमुहब्बत की कहानी अब जली माचिस की तीली है
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