EPISODE · May 19, 2024 · 2 MIN
Gun Gaunga | Arun Kamal
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
गुन गाऊँगा | अरुण कमलगुन गाऊँगाफाग के फगुआ के चैत के पहले दिन के गुन गाऊँगागुड़ के लाल पुओं और चाशनी में इतराते मालपुओं केगुन गाऊँगादही में तृप्त उड़द बड़ोंऔर भुने जीरोंरोमहास से पुलकित कटहल और गुदाज़ बैंगन केगुन गाऊँगाहोली में घर लौटतेजन मजूर परिवारों के गुनभाँग की सांद्र पत्तियों और मगही पान के नर्म पत्तोंसरौतों सुपारियों केगुन गाऊँगाजन्मजन्मांतर मैं वसंत के धरती केगुन गाऊँगा—आओ वसंतसेना आओ मेरे वक्ष को बेधोआज रात सारे शास्त्र समर्पित करतामैं महुए की सुनसान टाप केगुन गाऊँगाइसी ठाँव मैं सदा सर्वदागुन गाऊँगासदा आनंद रहे यही द्वारे
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