EPISODE · Feb 18, 2024 · 2 MIN
Haare Hue Budhhijeevi Ka Vaktavya
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
हारे हुए बुद्धिजीवी का वक्तव्य | सत्यम तिवारी हारे हुए बुद्धि जीवी का वक्तव्यमैं माफ़ी माँगता हूँजैसे हिम्मत माँगता हूँमेरे कंधे पर बेलगाम वितृष्णाएँमेरा चेहरा हारे हुए राजा कारनिवास में जाते हुएमेरी मुद्रा भाड़ में जाते मुल्क कीनाव जले सैनिक का मेरा नैराश्यमैं अपना हिस्सासिर्फ़ इसलिए नहीं छोडूँगाकि संतोष परम सुख हैया मृत्यु में ही मुक्ति मिलती हैमैं खुली आँख से जीनाऔर बंद आँखों से मरना पसंद करूँगामैं काठ का एक घोड़ाएक तीर का दूसरा शिकारमेरे बुझने से पहले की लपट पर लानत होअगर रस्सी न हो तोउसके बल को भी मैं ठोकर मारता हूँयह कौन ध्वजा उठाएदुनिया को चपटी करता हैमैं नहीं मानता किमेरा कोई दुश्मन नहींमैं जाऊँगा तोकम से कमदो-चार कोअपने साथ लेता जाऊँगा
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