EPISODE · Jan 12, 2025 · 1 MIN
Hum Auratein | Viren Dangwal
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
हम औरतें | वीरेन डंगवालरक्त से भरा तसला हैरिसता हुआ घर के कोने-अंतरों मेंहम हैं सूजे हुए पपोटेप्यार किए जाने की अभिलाषासब्जी काटते हुए भीपार्क में अपने बच्चों पर निगाह रखती हुईप्रेतात्माएँहम नींद में भी दरवाज़े पर लगा हुआ कान हैंदरवाज़ा खोलते हीअपने उड़े-उड़े बालों और फीकी शक्ल परपैदा होने वाला बेधक अपमान हैंहम हैं इच्छा-मृगवंचित स्वप्नों की चरागाह में तोचौकड़ियाँमार लेने दो हमें कमबख्तो !
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