EPISODE · May 22, 2026 · 1 MIN
Idhar Se Abr Uth Kar | Meer Taqi Meer
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
इधर से अब्र उठ कर जो गया है । मीर तक़ी मीरइधर से अब्र उठ कर जो गया हैहमारी ख़ाक पर भी रो गया हैमसाइब और थे पर दिल का जानाअजब इक सानेहा सा हो गया हैमुक़ामिर-ख़ाना-ए-आफ़ाक़ वो हैकि जो आया है याँ कुछ खो गया हैकुछ आओ ज़ुल्फ़ के कूचे में दरपेशमिज़ाज अपना उधर अब तो गया हैसिरहाने 'मीर' के कोई न बोलोअभी टुक रोते रोते सो गया है
What this episode covers
इधर से अब्र उठ कर जो गया है । मीर तक़ी मीरइधर से अब्र उठ कर जो गया हैहमारी ख़ाक पर भी रो गया हैमसाइब और थे पर दिल का जानाअजब इक सानेहा सा हो गया हैमुक़ामिर-ख़ाना-ए-आफ़ाक़ वो हैकि जो आया है याँ कुछ खो गया हैकुछ आओ ज़ुल्फ़ के कूचे में दरपेशमिज़ाज अपना उधर अब तो गया हैसिरहाने 'मीर' के कोई न बोलोअभी टुक रोते रोते सो गया है
NOW PLAYING
Idhar Se Abr Uth Kar | Meer Taqi Meer
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
Jun 20, 2026 ·60m
Jun 19, 2026 ·25m
Jun 17, 2026 ·23m