EPISODE · Mar 5, 2026 · 3 MIN
Jab Jab Tum Chahoge Mujhse | Adiba Khanum
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
जब जब तुम चाहोगे मुझसे । अदीबा ख़ानमजब जब तुम चाहोगे मुझसे एक प्रेम पगी कवितामेरी जान मैं तम्हें टूट कर प्रेम दूँगीमेरे पसंदीदा मौसमों का आगाज़ हो तुमजानते हो मैं तुम्हें शिउली की तरह मिलूँगीहमेशा हर बरस बिखरती रहूँगीतुम्हारे ज़हन के कच्चे रास्तों पर उजली - उजलीसुबह के शफ़्फ़ाफ़ उजालों सीकुछ क्षणों का ये मिलनयूँही न भूल पाओगे तुम,साल दर सालमेरी गन्ध से तुम्हारी स्मृतियाँझंकृत हो उठेगी किसी नाद की तरहमैं वो हूँ जिसकी आँखेंअपने पसंदीदा फूलों के वियोग मेंखुद फूल हो झरती रहीं हैं।मैं दुआओं में अपनीमाँग लूँगी तुम्हारे लिएहर मौसम में तुम्हारे पसंद के फूलकि तुम कभी उन खुशबुओं से महरूम न रहोजिनसे तुम्हें प्रेम हैक्या तुमने देखी है मुझ जैसी कोई बावरीजिसने हमेशा ही चाहा खुशबू हो जाना,कोई ऐसी गन्धजो तुम्हारी श्वास की आवाजाही में बसेइस दुनिया में कुछ लोग ही यूँ जीते हैं किसमझ पाएँ प्रेम के जादू कोऔर उनसे भी कम होते हैं वो लोग जिन्हेंप्रेम समझने की धुनजीने नहीं देती,और देखा जाएतो मरने भी नहीं देतीदर असल कविता मेरे हदय से उठीएक तीखी हूँक हैऔर मैंने कहा भी किजब जब तुम चाहोगे मुझसे एक प्रेम पगी कवितामेरी जान मैं तम्हें दूट कर प्रेम दूँगी।
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