EPISODE · Apr 23, 2025 · 1 MIN
Jab Teri Samundar Aankhon Mein | Faiz Ahmed Faiz
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
जब तेरी समुंदर आँखों में | फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ये धूप किनारा शाम ढलेमिलते हैं दोनों वक़्त जहाँजो रात न दिन जो आज न कलपल-भर को अमर पल भर में धुआँइस धूप किनारे पल-दो-पलहोंटों की लपकबाँहों की छनकये मेल हमारा झूठ न सचक्यूँ रार करो क्यूँ दोश धरोकिस कारण झूठी बात करोजब तेरी समुंदर आँखों मेंइस शाम का सूरज डूबेगासुख सोएँगे घर दर वालेऔर राही अपनी रह लेगा
What this episode covers
जब तेरी समुंदर आँखों में | फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ये धूप किनारा शाम ढलेमिलते हैं दोनों वक़्त जहाँजो रात न दिन जो आज न कलपल-भर को अमर पल भर में धुआँइस धूप किनारे पल-दो-पलहोंटों की लपकबाँहों की छनकये मेल हमारा झूठ न सचक्यूँ रार करो क्यूँ दोश धरोकिस कारण झूठी बात करोजब तेरी समुंदर आँखों मेंइस शाम का सूरज डूबेगासुख सोएँगे घर दर वालेऔर राही अपनी रह लेगा
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Jab Teri Samundar Aankhon Mein | Faiz Ahmed Faiz
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