EPISODE · May 13, 2024 · 1 MIN
Jadein | Rajendra Dhodapkar
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
जड़ें | राजेंद्र धोड़पकरहवा में बिल्कुल हवा में उगा पेड़ बिल्कुल हवा में, ज़मीन में नहीं बादलों पर झरते हैं उसके पत्ते लेकिन जड़ों को चाहिए एक आधार और वे किसी दोपहर सड़क पर चलते एक आदमी के शरीर में उतर जाती हैं उसके साथ उसके घर जाती हैं जड़ें और फैलती हैं दीवारों में भी आदमी झरता जाता है दीवारों के पलस्तर-सा जब भी बारिश होती है उसके स्वप्नों में पत्ते झरते हैं बादलों से जब दोपहर में आदमी चला जाता है शहर में खपने तब एक फल गिरता है आँगन में सुनसान धूप में और उसके सोते हुए बच्चे की आवाज़ खाने दौड़ती है उसे
Embed this episode
NOW PLAYING
Jadein | Rajendra Dhodapkar
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
No similar episodes found.