EPISODE · Nov 19, 2023 · 1 MIN
Jaise | Arun Kamal
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
जैसे | अरुण कमल जैसेमैं बहुत सारी आवाज़ें नहीं सुन पा रहा हूँचींटियों के शक्कर तोड़ने की आवाज़पंखुड़ी के एक एक कर खुलने की आवाज़गर्भ में जीवन बूँद गिरने की आवाज़अपने ही शरीर में कोशिकाएँ टूटने की आवाज़इस तेज़ बहुत तेज़ चलती पृथ्वी के अंधड़ मेंजैसे मैं बहुत सारी आवाज़ें नहीं सुन रहा हूँवैसे ही तो होंगे वे लोग भीजो सुन नहीं पाते गोली चलने की आवाज़ ताबड़तोड़और पूछते हैं - कहाँ है पृथ्वी पर चीख?
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