Jhansi ki Rani
from Hamari Aavaaz हमारी आवाज़ Hosted by Shashi Bhooshan
मर्दानी सुना था तेज की अधिकारिणी पाया। माना जाता है कि सुभद्रा कुमारी चौहान की जानी-मानी कविता "झांसी की रानी" में वीरता है। लेकिन मुझे लगता आया है कि इस कविता में स्त्री के दुख और त्याग अधिक हैं। यह एक वीर स्त्री की दुख भरी कहानी ही है, जिसका बचपन में ब्याह हो गया। जिसने सबको अपनाया सबकुछ सहा किंतु बदले में वीरता ही लौटायी, बलिदान ही दिया। उसी दुख भरी कहानी को जिस सम्मान से कवयित्री ने अपनाया लक्ष्मीबाई को मर्दानी सुना था लेकिन तेज की सच्ची अधिकारिणी बताया; मैंने उसे वाणी में अपनाने की कोशिश में यह पाठ किया है। कितना सफल हो पाया हूं यह तो सुनने वाले ही बता सकते हैं। सुन कर बताएंगे तो अच्छा लगेगा -शशिभूषण
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