PODCAST · education
Hamari Aavaaz हमारी आवाज़
by Shashi Bhooshan
Listening Platform with Shashi Bhooshan: Hamari Aavaaz शशिभूषण के साथ सुनने का साझा मंच: हमारी आवाज़
Episodes
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Pawan Karan ki kavita Khanzaada Begam
ख़ानज़ादा बेगम तीसरे स्त्री शतक, 'स्त्री मुग़ल' की पहली कविता। कवि-कृतिकार : पवन करण। ख़ानज़ादा बेगम, तैमूरी शहज़ादी। बाबर की बड़ी बहन। जिसे जंग में पराजित बाबर की जान बचाने के लिए उज़्बेक सुल्तान मोहम्मद शैबानी ख़ान से विवाह करना पड़ा। वाचन : शशिभूषण
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Swami Vivekanand ki kavita Jagrat Devta
स्वामी विवेकानंद की कविता, 'जाग्रत देवता'। कविता 'जाग्रत देवता' वेदांत दर्शन, "यत्र जीव तत्र शिवरूप" की प्रतिध्वनि ही है। वाचन : शशिभूषण
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Vasant Panchmi
23 जनवरी 2026 ऐसा सुयोग कभी कभी घटता है। आज 23 जनवरी है। वसंत पंचमी। निराला जयंती और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस। आज के दिन सुनिए महाप्राण निराला की तीन कविताएँ । शशिभूषण
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Swami Vivekanand's Speech
स्वामी विवेकानंद का भाषण विश्व धर्म संसद शिकागो वाचन : शशिभूषण युवा दिवस : 12 जनवरी 2024
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Apni Chhatraon ke liye
बढ़ते रहना ( अपनी छात्राओं के लिए ) तुम जब पहली बार सामने पड़ी प्यारी बच्ची थी चाहे शांत चाहे शरारती चाहे चुप चाहे बातूनी चाहे लापरवाह चाहे उत्साही चाहे सीधी चाहे निर्भीक चाहे जीती चाहे हारी चाहे पास चाहे फ़ेल दौड़कर आयी चाहे उदास लौटी प्रशंसा पायी चाहे डाँट खायी तुम हँसी रोयी खेली नाची झगड़ी मिलकर...
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Lekhak ka sbaha nikala
छाती पर लिखी गई समकालीन कहानी गुरुघासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर में वाचाल कुलपति द्वारा प्रमुख हिंदी कहानीकारों में से एक मनोज रूपड़ा को मिले अपमानजनक सभा निकाला घटनाक्रम पर प्रस्तुत है संगीत साधक और साहित्यकार डॉ रामकुमार सिंह की फ़ेसबुक कविता पोस्ट। हिंदी शिक्षक रहे डॉ रामकुमार सिंह इन दिनों...
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Savitri Bai Ke Kavyansh
सावित्री बाई के काव्यांश भारत की पहली महिला शिक्षक सावित्री बाई का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा में माली समाज में हुआ। उनका विवाह ज्योतिबा फुले से हुआ। महात्मा फुले ने उनकी शिक्षा का दायित्व संभाला। सामाजिक विरोध का सामना करते सावित्री बाई ने सन 1848 में पुणे में लड़कियों के लिये पहला...
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Visarjan
उपन्यास : आनंद मठ लेखक : बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय चौथा खंड, अंतिम अध्याय
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Shikshikaen | Shashi Bhooshan
"शिक्षिकाएँ" कविता एवं वाचन : शशिभूषण
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Katyayani ki kavita | Vasiyatnama
वसीयतनामा लिखने जैसी कुछ गुफ़्तगू कवि : कात्यायनी वाचन : शशिभूषण (बया, अप्रैल-मार्च 2024)
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Sarveshwardayal Saxena | Dhire Dhire
धीरे-धीरे कवि : सर्वेश्वरदयाल सक्सेना वाचन : शशिभूषण
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Rahen yaa n rahen
"रहें या न रहें". कविता एवं वाचन: शशिभूषण.
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Bhasha Singh | Chunav Jang aur Medea
"चुनाव जंग और मीडिया" वक्ता : भाषा सिंह, जन पक्षधर जुझारू पत्रकार। आयोजक : राष्ट्रीय सांस्कृतिक यात्रा, ढाई आखर प्रेम 2023, इंदौर (म.प्र.)। स्थल : मध्य प्रदेश प्रेस क्लब, अभिनव कला समाज सभागार इंदौर। तिथि : 27 दिसंबर 2023, शाम 05.55 बजे।
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Dhai Aakhar Prem | Subah ke intzar men
सुबह के इंतज़ार में। विनीत तिवारी से बातचीत। प्रसंग: ढाई आखर प्रेम यात्रा। 26 दिसंबर 2023, सहस्त्र धारा नर्मदा, महेश्वर।
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Chandrakant Devtale | Thode se bachche aur baqi bachche
थोड़े से बच्चे और बाक़ी बच्चे कवि : चंद्रकांत देवताले वाचन : शशिभूषण
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Kumar Ambuj | Kroorta
क्रूरता कवि : कुमार अम्बुज वाचन : शशिभूषण
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Sandip Naik | Jahan ghar hai vahan ped hai
"जहाँ घर है वहाँ पेड़ है" कवि : संदीप नाईक वाचन : शशिभूषण
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Ravindra Vyas | Ma Ka Mantrochchar
"माँ का मंत्रोच्चार", मार्मिक और अविस्मरणीय कहानी। कहानीकार, रवींद्र व्यास। वाचन, शशिभूषण।
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Kedarnath Singh | Deepdaan
उस तट पर भी जाकर दिया जला आना, पर पहले अपना यह आँगन कुछ कहता है जाना, फिर जाना! •केदारनाथ सिंह
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Nirala | Priytam
प्रियतम कवि : निराला वाचन : शशिभूषण
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Chandra Bhushan | Dheere Chalo
"धीरे चलो" कवि : चंद्रभूषण
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PWA Jabalpur Ghoshnapatra
प्रलेसं घोषणा पत्र. लेखक, कुमार अम्बुज-वीरेंद्र यादव. अठारहवाँ राष्ट्रीय सम्मेलन, 20, 21, 22 अगस्त 2023, जबलपुर(म. प्र.).
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Kumar Ambuj | Shikshakon Se Samvad
शिक्षकों से संवाद : कुमार अम्बुज, कवि-कहानीकार, सिनेमा चिंतक। विषय : गद्य कैसे समझें समझाएँ। 25 मई 2021, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 3 भोपाल, क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल। सौजन्य : श्री सोमित श्रीवास्तव(उपायुक्त), डॉ ऋतु पल्लवी, सहायक आयुक्त(तत्कालीन प्राचार्य)
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Harishankar Parsai | Sadachar Ka Taveez
विशेषज्ञों ने कहा, "हुज़ूर वह हाथ की पकड़ में नहीं आता। वह स्थूल नहीं, सूक्ष्म है, अगोचर है। पर वह सर्वत्र व्याप्त है। उसे देखा नहीं जा सकता, अनुभव किया जा सकता है।" राजा सोच में पड़ गए। बोले, "विशेषज्ञो, तुम कहते हो वह सूक्ष्म है, अगोचर है और सर्वव्यापी है। ये गुण तो ईश्वर के हैं। तो क्या…
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Svayam Prakash | Partition
इस कहानी का अंत अच्छा नहीं है। मैं चाहता हूँ कि आप उसे नहीं पढ़ें। और पढ़ें भी तो यह ज़रूर सोचें कि क्या इसका कोई और अंत हो सकता था? अच्छा अंत? अगर हाँ तो कैसे? - पार्टीशन(कहानी), स्वयं प्रकाश
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Bhartiytata Rashtravad aur Sahitya : Vineet Tiwari
"भारतीयता राष्ट्रवाद और साहित्य". वक्ता : विनीत तिवारी, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता. संदर्भ : हिरोशिमा दिवस, 6 अगस्त, 2023. आयोजक : मध्य-प्रदेश प्रलेसं, देवास इकाई.
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Hiroshima | Agyeya
हिरोशिमा कवि : अज्ञेय वाचन : शशिभूषण हिंदी के युगपुरुष अज्ञेय की यह कविता 'हिरोशिमा दिवस' 6 अगस्त 2023 को रिकॉर्ड की गयी। कविता और आत्मकथ्य NCERT की पाठ्यपुस्तक 'कृतिका' भाग-दो(कक्षा 10) में संकलित हैं।
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Arbaz Khan | Burqa Utaar Lena Beta
बुर्क़ा उतार लेना बेटा कवि: अरबाज़ ख़ान समय के साखी, मई-जून 2023
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Shayad kahna suna jaye
मैं कुछ कहना चाहता हूँ। कहना ज़रूरी हो गया है। शोर और बोलना बहुत है फिर भी सोचता हूँ- शायद कहना सुना जाय। (शशिभूषण)
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Message to Devi Prasad Mishra
हिंदवी संगत 18, शुक्रवार को कवि-लेखक-फ़िल्मकार देवीप्रसाद मिश्र से अंजुम शर्मा की बातचीत सुनकर यह मौखिक संदेश या तुरंत राय रिकॉर्ड करने से ख़ुद को रोक नहीं पाया। संदेश रिकॉर्ड करने, भेजने के बाद सोचा अगर राय में निजताओं का उल्लंघन नहीं हो, तो उसमें अनायास आ गयी कितनी ही बातों को व्यक्तिगत ही बनाये...
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Pawan Karan | Hum ek dusre ko bhul jayenge
इसे सुनिएगा। इस कविता को मैंने महान कहने से खुद को रोक लिया। यह शब्द क्योंकि अब घिस चुका है। आता नहीं इसका अभिप्राय पढ़-सुनकर। पढ़ना या सुनना और महसूस करना ही इस कविता के लिए सब विशेषण हैं।
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Japani Kahani Mahavigya
"सक्रियता की चरम सीमा है निष्क्रियता. बड़बोलेपन की चरम परिणति है ख़ामोशी और तीरंदाज़ी की अंतिम पराकाष्ठा है धनुर्धारण से परहेज." -महाविज्ञ, कहानीकार : अत्सुशी नाकाजिमा.
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Ashish Tripathi | Naya Gantantra
"स्वतंत्रता दिवस की तारीख़ बदलने पर भी विचार किया जा सकता है।"
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Vinay Sourabh | Chala Gaya Admi
विनय सौरभ की कविता "चला गया आदमी"
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Avinash Mishra | Varshavas, Upanyas Ansh
अविनाश मिश्र के उपन्यास 'वर्षावास' का अंश 'आलोचक'
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Ashok Vajpeyi | Thoda Sa
अशोक वाजपेयी की कविता "थोड़ा सा"
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Shamsher | Kal tujhse hod hai meri
शमशेर बहादुर सिंह की कविता "काल तुझसे होड़ है मेरी"
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Shamsher | Agar maine arbi men prarthna ki
शमशेर बहादुर सिंह की कविता, "अगर मैंने अरबी में प्रार्थना की"
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Ravish Kumar ki ek bat se dar lagta hai
रवीश कुमार की एक बात से डर लगता है।
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Shamsher ki gazal
ग़ज़ल: शमशेर
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Shamsher ki kavita Dharmik dangon ki rajniti
"धार्मिक दंगों की राजनीति" शमशेर की ऐसी कविता है जो भारत के संदर्भ में वर्चस्व की राजनीति जिसमें धर्म एक हथियार होता है को पूरी तरह सामने रख देती है।
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Shamsher ki kavita Tumko pana hai aviram
"तुमको पाना है, अविराम" अगर आप प्रेम से, प्रेम कविताओं से ज़रा भी खिंचते हैं तो यह कविता पढ़नी-सुननी चाहिए। पढ़ना अपनी सुविधा उपलब्धता से ही हो सकता है। इसलिए मैंने यहीं सुना दी है। सुनिएगा। बताएंगे सुनना कैसा रहा तो समझ लीजिए इतना ही मैं आपसे चाहता हूं। कविता से बहुत अधिक पा चुका हूं।
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Ashok Vajpayi ki kavita Sadak par ek admi
सड़क पर एक आदमी: दो मिनट कविता ढाई मिनट कविता पर बात।
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Hum Shabdon ko nasht kar rahe hain
अचेतना के लिए बिगब्रदर की "न्यूस्पीक" योजना यानी "थॉट क्राइम" रोकने के लिए शब्दों को नष्ट करना । यह जॉर्ज ऑरवेल के उपन्यास 1984 का अंश है । जिसे उज्जैन से रीवा जाते हुए 22 दिसंबर 2022 को दमोह-सागर के आस-पास चलती ट्रेन में रिकॉर्ड किया गया । इसे सुन-पढ़कर एहसास होता है कि भाषा भी शासन का हथियार…
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Devtale ji ke Kutte
मैं सोचा करता हूं/ देवताले जी कुछ भी पाल सकते थे/ कुत्तों गायों से उज्जैन भरा पड़ा है/ वे बेवजह अकेले पड़ते चले गए/ हालांकि जानता हूं अकेला पड़ना है- कवि हो या फ़ासिस्ट। (शशिभूषण)
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Jhansi ki Rani
मर्दानी सुना था तेज की अधिकारिणी पाया। माना जाता है कि सुभद्रा कुमारी चौहान की जानी-मानी कविता "झांसी की रानी" में वीरता है। लेकिन मुझे लगता आया है कि इस कविता में स्त्री के दुख और त्याग अधिक हैं। यह एक वीर स्त्री की दुख भरी कहानी ही है, जिसका बचपन में ब्याह हो गया। जिसने सबको अपनाया सबकुछ सहा...
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Hindi akhbaron ka hinglish dhandha
मत बनें अंधे हिंग्लिश में हैं धंधे: शशिभूषण
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Pash ki kavita Inkar
"मुझसे उम्मीद न करना कि मैं खेतों का बेटा होकर आपके चगले हुए स्वादों की बात करूँगा" - अवतार सिंह पाश
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Premchand ki kahani eidgah
कहानी "ईदगाह" सुनिए. बहुत मन हुआ इसलिए यह कहानी सुनाई है. मुझे बच्चे हामिद से बचपन से बहुत प्यार है. "ईदगाह" कहानी कभी नहीं भूलती. यही दिल में आता है काश! मैं हामिद जैसा होता. हमारे घरों के बच्चे हामिद जैसे हों!
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Sandhya Navodita ki do kavitaen
दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के अठारहवें दिन संध्या नवोदिता की दो कविताएं, "जब उम्मीदें मरती हैं" और "एक दिन जब हम नहीं रहेंगे"। पाठ एवं चयन:...
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