EPISODE · Feb 24, 2026 · 1 MIN
Kalam Tere Haath Mei Hai | Bhawani Prasad Mishra
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
क़लम तेरे हाथ में है । भवानीप्रसाद मिश्रक़लम तेरे हाथ में है, जो चाहे सो लिखकुछ न सूझे तो अपना नाम लिखक्या ज़रूरी है कि जो कुछ लिखा, वह छपे भीन छपे सही अँगीठी के काम आएगा कभीदम होगा तो धधक जाएगाबोदा होगा तो बुझ जाएगालिखने की बेला बड़ी पावन होती हैसूखे मन के लिए सावन होती हैरोशनाई और क़लम का संयोग होता हैमन को सँजोने का प्राणान्तक योग होता हैक़लम तेरे हाथ में है, ललकार कर लिखकाग़ज़ हज़ार काले हों, मग़र कालिख़ न लिख।
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