EPISODE · Jul 29, 2024 · 1 MIN
Khali Jagah | Amrita Pritam
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
ख़ाली जगह | अमृता प्रीतमसिर्फ़ दो रजवाड़े थे –एक ने मुझे और उसेबेदखल किया थाऔर दूसरे कोहम दोनों ने त्याग दिया था।नग्न आकाश के नीचे –मैं कितनी ही देर –तन के मेंह में भीगती रही,वह कितनी ही देरतन के मेंह में गलता रहा।फिर बरसों के मोह कोएक ज़हर की तरह पीकरउसने काँपते हाथों सेमेरा हाथ पकड़ा!चल! क्षणों के सिर परएक छत डालेंवह देख! परे – सामने उधरसच और झूठ के बीच –कुछ ख़ाली जगह है...
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