कवि की पीड़ा
from Kalam (Hindi Poetry) Hosted by Dr. Sudhanshu Kumar
सभी श्रोताओ का इस शो में हम हृदय से स्वागत करते है। कवि के जब संघर्ष के दिन होते हैं, उस समय वह लोगों को जव अपनी कवितयें सुनाता है तो उसे कई विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके कारण उसे अत्यधिक पीड़ा होती है। कवि इस वेदना का कैसे सकारात्मक उपयोग करके अपनी रचना धर्मिता को बढ़ाता है । इसी विषय वस्तु को केन्द्र बिन्दु बनाकर कवि की पीड़ा शीर्षक से यह कविता लिखी गई है। हमें विश्वास है कि अन्य कविताओ की तरह ये भी आप सभी को पसन्द आयेगी।
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